जयपुर। नारायण विहार थाना पुलिस ने सूने मकानों में चोरी और नकबजनी की वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। आरोपियों ने पूछताछ में करीब आधा दर्जन चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है।
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षि राज ने बताया कि नारायण विहार थाना पुलिस ने सूने मकानों में चोरी और नकबजनी की वारदातों को अंजाम देने वाले विकास मेघवंशी (29) निवासी दूदू जयपुर ग्रामीण हाल निवासी निमेड़ा (बिन्दायका) तथा किशन केवट (19) निवासी श्रीपुर गहार जिला समस्तीपुर (बिहार) हाल गिरधारीपुरा करणी विहार को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण बरामद कर लिए हैं। साथ ही अन्य थाना क्षेत्रों में हुई चोरी की वारदातों में उनकी संलिप्तता को लेकर भी जांच जारी है।
नारायण विहार थानाधिकारी गुंजन वर्मा ने बताया कि 21 अप्रैल 2026 को एक परिवादी ने नारायण विहार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 16 अप्रैल को अपने मकान का ताला लगाकर परिवार सहित शाहपुरा में एक शादी समारोह में गया था। 20 अप्रैल को वापस लौटने पर मकान के ताले टूटे मिले और घर की अलमारियों का सामान बिखरा पड़ा था। घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी गायब थी।
इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जहां जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में दो संदिग्ध व्यक्ति चोरी की वारदात को अंजाम देते दिखाई दिए।
पुलिस ने आरोपियों के भागने का रूट चार्ट तैयार किया, जिससे पता चला कि दोनों आरोपी वारदात के बाद वेस्ट वे हाइट्स क्षेत्र से कमला नेहरू नगर पुलिया की ओर भागे थे। पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थानाधिकारी गुंजन वर्मा, उपनिरीक्षक राजकुमार, साइबर सेल से हेड कांस्टेबल लोकेश कुमार, डीएसटी टीम के हेड कांस्टेबल हंसराज एवं राजेश कुमार, कांस्टेबल राजवीर, चैनाराम और कमलेश कुमार शामिल रहे।



















