जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने नगर निगम जयपुर में कार्रवाई करते हुए पशु प्रबंधन शाखा के दो पशु चिकित्सा अधिकारियों और एक संविदाकर्मी को 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि शिकायत मिली थी कि आवारा कुत्तों की नसबंदी व टीकाकरण के टेंडर का कार्य पूर्ण कर बिल प्रस्तुत करने के बावजूद भुगतान की प्रक्रिया लंबित रखी जा रही है।
आरोप है कि नगर निगम हेरिटेज में पदस्थ डॉ. योगेश शर्मा बकाया बिलों को फॉरवर्ड करने के लिए 12 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। वहीं नगर निगम ग्रेटर के डॉ. राकेश कलोरिया नवंबर-दिसंबर 2025 के बिलों के एवज में 2-2 लाख रुपये प्रतिमाह, कुल 4 लाख रुपये तथा 1 जनवरी 2026 से 3.50 लाख रुपये प्रतिमाह की मांग कर रहे थे।
दोनों अधिकारी अपने कार्यालय के संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर जितेन्द्र सिंह शेखावत के माध्यम से रिश्वत ले रहे थे। सत्यापन में कुल 15 लाख रुपये की मांग की पुष्टि हुई।
उप महानिरीक्षक आनंद शर्मा के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई कर जितेन्द्र सिंह को 4 लाख रुपये लेते पकड़ा गया। बाद में दोनों चिकित्सा अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया गया।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक सत्येन्द्र कुमार के निर्देशन में आरोपियों से पूछताछ जारी है। प्रकरण भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।




















