न्यू सांगानेर रोड पर ‘लाल निशान’ से बवाल : जेडीए के खिलाफ महिलाओं ने निकाली प्रतीकात्मक अर्थी

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14-year-old girl kidnapped in UP rescued
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जयपुर। न्यू सांगानेर रोड को 100 फीट चौड़ा करने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की कार्रवाई के विरोध में स्थानीय लोगों और व्यापारियों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। गुरुवार को महिलाओं सहित बड़ी संख्या में लोग सड़क पर जुटे और टायर जलाकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने जेडीए के नाम से प्रतीकात्मक अर्थी निकाली और नारेबाजी की।

प्रदर्शन के कारण सोडाला और न्यू सांगानेर रोड पर यातायात प्रभावित रहा। जेडीए सोडाला तिराहे से गुर्जर की थड़ी तक सड़क चौड़ीकरण के लिए कार्रवाई कर रहा है। जेडीए के अनुसार सड़क सीमा में आने वाले निर्माणों को हटाया जाना है। कार्रवाई के दायरे में 210 संपत्तियों को नोटिस दिए गए हैं। इनमें मकान, दुकान, शोरूम, दीवार, रैंप सहित विभिन्न तरह के अतिक्रमण शामिल हैं। वहीं स्थानीय लोगों का दावा है कि 200 से अधिक मकान-दुकानें प्रभावित हो सकती हैं।

पहले 700 मीटर में कार्रवाई

जेडीए ने 5 अक्टूबर से न्यू सांगानेर रोड पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की थी। पहले चरण में सड़क के दोनों ओर करीब 700 मीटर हिस्से से रैंप, रेलिंग, फुटपाथ, टिनशेड, सीढ़ियां और बाउंड्रीवॉल सहित निर्माण हटाए गए। अब करीब 1.7 किलोमीटर शेष हिस्से में कार्रवाई की तैयारी है। जेडीए के अनुसार पूरी सड़क पर करीब 260 अवैध निर्माण हटाए जाने हैं।

प्रवर्तन शाखा के पुलिस उपाधीक्षक इस्लाम खान ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर डिमार्केशन कराया गया, नोटिस दिए गए और पीटी सर्वे भी कराया गया है। उन्होंने कहा कि आपत्तियों की प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।

124 आपत्तियां लंबित

जेडीए के अनुसार नगर निगम से संबंधित 124 आपत्तियां अभी लंबित हैं। इनमें करीब 100 आपत्तियां नगर निगम के क्षेत्राधिकार से जुड़ी बताई जा रही हैं। जेडीए ने इनके निस्तारण के लिए हाईकोर्ट से चार सप्ताह का समय मांगा है। मामले में करीब दो सप्ताह बाद फिर सुनवाई होनी है। इससे पहले जेडीए ने 6 अक्टूबर को हाईकोर्ट में कार्रवाई की पालना रिपोर्ट भी पेश की थी। इसके बावजूद प्राधिकरण ने 9 अक्टूबर से आगे की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

नगर निगम सिविल लाइंस जोन के उपायुक्त मनोहर लाल जाट ने कहा कि जानकारी मिलने के बाद टीम गठित की गई है और दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। अशोक नगर में निगम की ओर से कुछ पट्टे जारी किए गए हैं। इनकी संख्या टीम की रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।

‘डिमार्केशन का आधार स्पष्ट नहीं’

न्यू सांगानेर रोड व्यापार मंडल के महामंत्री पंकज शर्मा ने कहा कि व्यापारियों का विरोध डिमार्केशन को लेकर भी है। उनका कहना है कि सड़क चौड़ीकरण का आधार स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने विवेक विहार और श्याम नगर मेट्रो स्टेशन परिसरों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एक ही रोड एलाइनमेंट पर स्थित इन परिसरों को कार्रवाई से अलग रखा गया, जबकि आसपास की निजी संपत्तियों पर लाल निशान लगाए गए हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले डिवाइडर को सड़क का मध्य बिंदु मानकर दोनों ओर समान कार्रवाई की बात कही गई थी, लेकिन मौके पर निशान लगाते समय गूगल कोऑर्डिनेट के आधार पर अलग-अलग माप किया गया। इससे एक तरफ अधिक और दूसरी तरफ कम हिस्से में लाल निशान लगाए गए।

‘पुराने पट्टे हैं, फिर भी अतिक्रमण बताया’

स्थानीय निवासी मनोज कुमावत ने कहा कि जेडीए में उन्हें अलग नक्शा दिखाया गया था, जबकि निशान लगाने के दौरान अलग स्थिति सामने आई। उन्होंने कहा कि वर्षों पुराने प्रतिष्ठानों को अतिक्रमण बताया जा रहा है और कार्रवाई हुई तो कई परिवार सड़क पर आ जाएंगे।

संजय शर्मा ने आरोप लगाया कि आपत्तियों के निस्तारण की जानकारी नहीं दी जा रही। उन्होंने 1979 का सोसायटी पट्टा होने का दावा किया। व्यापारियों का कहना है कि उनके पास पुराने पट्टे और दस्तावेज हैं, इसके बावजूद संपत्तियों को अतिक्रमण की श्रेणी में रखा जा रहा है।

दिवाली तक मोहलत की मांग

व्यापारी विजय मोदी ने जेडीए से दीपावली तक कार्रवाई रोकने की मांग की। उनका कहना है कि त्योहार से पहले आनन-फानन में कार्रवाई से कारोबार प्रभावित होगा। स्थानीय महिला पूनम शर्मा ने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि इसे रोका जाना चाहिए। अर्चना बालोदिया ने कहा कि कम समय के नोटिस पर कार्रवाई की जा रही है। बलजीत कौर ने मुआवजे और वैकल्पिक व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लोगों के सामने घर और रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है।

प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों की ओर से आत्मदाह जैसे कदम उठाने की धमकी दिए जाने से स्थिति की संवेदनशीलता भी बढ़ गई। पुलिस जाब्ता तैनात रहा और यातायात को नियंत्रित किया गया।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई

न्यू सांगानेर रोड के प्रभावित व्यापारियों ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया था, लेकिन उनकी याचिका खारिज हो गई। इसके बाद जेडीए की कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ। जेडीए का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई न्यायालय के आदेश की पालना में की जा रही है और संबंधित लोगों को पहले नोटिस दिए गए हैं।

दूसरी ओर स्थानीय लोग अपनी आपत्तियों, पुराने दस्तावेजों और रोजी-रोटी के संकट का हवाला देकर कार्रवाई रोकने की मांग कर रहे हैं। इससे न्यू सांगानेर रोड पर जेडीए और प्रभावित लोगों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।

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