जयपुर। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) राजस्थान इकाई ने ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत कार्रवाई करते हुए मेक्सिको से जयपुर पहुंचे एक अंतरराष्ट्रीय पार्सल से एलएसडी (लाइसर्जिक एसिड डाइएथाइलामाइड) की पांच ब्लॉटर शीट बरामद की हैं। इन शीटों में कुल 500 एलएसडी ब्लॉट्स थे। बरामद मादक पदार्थ का कुल वजन 7.71 ग्राम है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी गई है।
सीबीएन के डिप्टी नारकोटिक्स कमिश्नर नरेश बुंदेल ने बताया कि 18 जुलाई को कस्टम कार्यालय, जयपुर में मेक्सिको से आए एक अंतरराष्ट्रीय पार्सल की जांच की गई। संदेह के आधार पर पार्सल की तलाशी लेने पर उसमें छिपाकर रखी गई एलएसडी की पांच ब्लॉटर शीट बरामद हुईं। बरामद मादक पदार्थ को एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया है तथा इसकी तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जांच की जा रही है।
डिप्टी नारकोटिक्स कमिश्नर नरेश बुंदेल के अनुसार, एलएसडी (लाइसर्जिक एसिड डाइएथाइलामाइड) एक साइकेडेलिक ड्रग है, जिसे आमतौर पर एसिड, ब्लॉटर और स्टैम्प जैसे नामों से भी जाना जाता है। यह प्रायः डाक टिकट के आकार के छोटे रंगीन कागज (ब्लॉटर पेपर), तरल या छोटी गोलियों के रूप में उपलब्ध होता है।
उन्होंने बताया कि एलएसडी की पहचान आम लोगों के लिए आसान नहीं होती, क्योंकि इसे अक्सर कागज की छोटी शीट पर लगाया जाता है। इसका सेवन प्रायः ब्लॉटर पेपर को चाटकर या निगलकर किया जाता है। यह मस्तिष्क में सेरोटोनिन रसायनों के स्तर को प्रभावित करता है, जिससे व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता, समय का एहसास और भावनाओं में व्यापक बदलाव आ सकते हैं। इसी कारण इसे अत्यंत खतरनाक मादक पदार्थों की श्रेणी में रखा जाता है।
सीबीएन अधिकारियों के अनुसार, बरामदगी के स्रोत, पार्सल के प्रेषक और प्राप्तकर्ता सहित पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।



















