तेज गर्मी में लू-तापघात के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट

0
144

जयपुर। तेजी से बढ़ रही गर्मी के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सकों एवं विभाग के अन्य कर्मचारियों को अलर्ट करते हुए आमजन से बचाव रखने की अपील की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर द्वितीय डॉ. हंसराज भदालिया ने बताया कि अत्यधिक गर्मी व सूखे मौसम में लू-तापघात होने की आशंका बढ़ गई है। इसलिए इससे प्रभावितों को तुरंत राहत देने के लिए तैयारियों के निर्देश जारी किए गए हैं।

उन्होंने सभी अस्पतालों में लू-तापघात के रोगियों हेतु कुछ बैड आरक्षित रखते हुए वहां कूलर व शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, संस्थान में रोगी के उपचार के लिए आपातकालीन किट एवं आवश्यक दवाइयां रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रचार-प्रसार के माध्यम से जनसाधारण को लू-तापघात से बचाव एवं उपचार के लिए जानकारी अपने स्तर से समय-समय पर प्रसारित करावें।

डॉ. भदालिया ने बताया कि शरीर में लवण व पानी अपर्याप्त होने पर विषम गर्म वातावरण में लू व तापघात से सिर का भारीपन व अत्यधिक सिरदर्द होने लगता है। इसके अलावा अधिक प्यास लगाना, शरीर में भारीपन के साथ थकावट, जी मिचलाना, सिर चकराना व शरीर का तापमान बढना, पसीना आना बंद होना, मुंह का लाल हो जाना, त्वचा का सूखा होना, अत्यधिक प्यास का लगना व बेहोशी जैसी स्थिति का होना आदि लक्षण आने लगते हैं।

लू तापघात से प्रभावित रोगी को तुरंत छायादार जगह पर कपड़े ढीले कर लेटा दिया जाए। रोगी को होश मे आने की दशा मे उसे ठण्डा पेय पदार्थ, जीवन रक्षक घोल, कच्चा आम का पन्ना दें। प्याज का रस अथवा जौ के आटे को भी ताप नियंत्रण के लिए मला जा सकता है। रोगी के शरीर का ताप कम करने के लिए यदि सम्भव हो तो उसे ठण्डे पानी से नहलाएं या उसके शरीर पर ठण्डे पानी की पट्टियां रखकर पूरे शरीर को ढंक दें। इस प्रक्रिया को तब तक दोहराएं, जब तक की शरीर का ताप कम नहीं हो जाता है। उन्होंने बताया कि यदि उक्त सावधानी के बाद भी मरीज ठीक नहीं होता है, तो उसे तत्काल निकट की चिकित्सा संस्थान ले जाया जाए।

सीएमएचओ डॉ. हंसराज भदालिया ने आम जन से अपील की है कि जहां तक सम्भव हो धूप में न निकलें, धूप में शरीर पूर्ण तरह से ढ़का हो। धूप में बाहर जाते समय हमेशा सफेद या हल्के रंग के ढीले व सूती कपड़ों का उपयोग करें। बहुत अधिक भीड़, गर्म घुटन भरे कमरों से बचें, रेल बस आदि की यात्रा अत्यावश्यक होने पर ही करें, बिना भोजन किये बाहर न निकलें। भोजन करके एवं पानी पी कर ही बाहर निकलें।

गर्दन के पिछले भाग कान एवं सिर को गमछे या तौलिये से ढ़क कर ही धूप में निकलें। रंगीन चश्में एवं छतरी का प्रयोग करें। गर्मी मे हमेशा पानी अधिक मात्रा मे पियें एवं पेय पदार्थो जैसे निंबू पानी, नारियल पानी, ज्यूस आदि का प्रयोग करें। लू तापघात से प्रायः कुपोषित बच्चे, वृद्ध गर्भवती महिलाएं ,श्रमिक अदि शीघ्र प्रभावित होते हैं। इन्हें प्रायः 10 बजे से सायं 6 बजे तक तेज गर्मी से बचाने के लिए छायादार ठण्डे स्थान पर रहने का प्रयास करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here