राजस्थान पुलिस की बड़ी सफलता: अवैध हथियार तस्करी का नेटवर्क ध्वस्त

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Rajasthan police's big success: Illegal arms smuggling network busted
Rajasthan police's big success: Illegal arms smuggling network busted

जयपुर। राजस्थान पुलिस ने अवैध हथियार और कारतूस तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अपने विशेष अभियान में एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स पुलिस मुख्यालय और प्रतापगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने कुख्यात सलमान- ‘अंकल गिरोह’ के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। इस अभियान के तहत अब तक 15 हथियार सप्लायर और गन हाउस संचालकों को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद, मैनपुरी, मथुरा और राजस्थान-यूपी की विभिन्न जेलों से गिरफ्तार किया गया है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध एवं एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स दिनेश एमएन के निर्देशों पर शुरू हुए इस ऑपरेशन में एजीटीएफ और प्रतापगढ़ पुलिस ने संगठित अपराध की कमर तोड़ दी है। पुलिस उपमहानिरीक्षक योगेश यादव और एजीटीएफ के अतिरिक्त पुलिस बताया सिद्धांत शर्मा के सुपरविजन और प्रतापगढ़ एसपी विनीत कुमार बंसल के समन्वय में इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

एजीटीएफ और प्रतापगढ़ पुलिस ने संयुक्त रूप से इस अभियान में गहन छानबीन की और पाया कि कई लाइसेंसी गन हाउस संचालक अवैध रूप से हथियार और कारतूस अपराधियों को बेच रहे थे। इसके बाद कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए कुल 15 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। शुक्रवार को भी टीम ने रिया आर्म्स स्टोर मैनपुरी के संचालक कमल सोलंकी पुत्र जगदीश प्रसाद निवासी देवरा जिला मैनपुरी यूपी को मैनपुरी से और काली गन हाउस मथुरा के संचालक नवीन पोहिया (35) तथा शर्मा गन हाउस मथुरा के संचालक गोपाल उर्फ जोली शर्मा निवासी मथुरा(उत्तर प्रदेश) को मथुरा से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

एडीजी एम एन ने बताया कि ऑपरेशन की शुरुआत 28 जून 2025 को हुई जब प्रतापगढ़ पुलिस ने हथियार सप्लायर राकेश राठौर को एक ऑटोमेटिक पिस्टल और दो खाली मैगजीन सहित गिरफ्तार किया। राकेश से मिली जानकारी के आधार पर 2 जुलाई को मध्य प्रदेश के नागदा निवासी कुख्यात गैंगस्टर सलमान खान को बांसवाड़ा जेल से गिरफ्तार किया गया, जिसकी सूचना पर 14 अवैध देशी-विदेशी हथियार और 1860 कारतूस का बड़ा ज़खीरा बरामद हुआ। सलमान, जो अपने पिता की आपराधिक विरासत को आगे बढ़ा रहा था।

आगे की जांच में इस हथियार तस्करी नेटवर्क के कई मुख्य सरगना बेनकाब हुए और गिरफ्तार किए गए धीरेंद्र, कुंवर पाल सिंह और जितेंद्र उर्फ जीतू बिलोनी। ये भी इस सप्लाई चेन के महत्वपूर्ण सदस्य थे। जिन्हें 3 जुलाई को यूपी और धौलपुर से गिरफ्तार किया गया। दोनों से पूछताछ और गहन अनुसंधान के बाद पुलिस ने अवैध हथियार सप्लायर और गन हाउस के संचालक रमा शंकर को 7 जुलाई को उत्तर प्रदेश के एटा से गिरफ्तार किया जो मोटा मुनाफा कमा कर अपराधियों को कारतूस और हथियार उपलब्ध करा रहा था।

इस गिरोह का मास्टरमाइंड जो 8 जुलाई को लखनऊ जेल से गिरफ्तार हुआ। वह राकेश और जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू बिलोनी को प्रतिबंधित हथियार सप्लाई करता था। 9 जुलाई को जोधपुर जेल से गिरफ्तार किया गया, यह मारवाड़ के तस्करों और सुपारी किलर को हथियार सप्लाई करता था। प्रवीण उर्फ अंकल को हथियार और कारतूस मुहैया कराने वाला एक और कुख्यात तस्कर, जिसे 10 जुलाई को फिरोजाबाद, यूपी से पकड़ा गया। 14 जुलाई को फिरोजाबाद जेल से गिरफ्तार हुए ये तीनों हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहे थे और लाइसेंसी हथियारों के नंबर मिटाकर सप्लाई करते थे, इनमे राहुल के नाम एक लाइसेंसी गन हाउस था, जो साल 2009 में सील हो गया था। ये सभी अपराधी यूपी और राजस्थान की विभिन्न जेलों से प्रोडक्शन वारंट पर या सीधे गिरफ्तार किए गए।

पुलिस टीमों की सराहनीय भूमिका

इस सफल अभियान में राजस्थान एजीटीएफ और प्रतापगढ़ पुलिस की टीमों ने बेहतरीन समन्वय और बहादुरी का प्रदर्शन किया। एजीटीएफ टीम से पुलिस निरीक्षक सुभाष सिंह, एएसआई शैलेन्द्र शर्मा, शंकर दयाल शर्मा, हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार, कमल सिंह, मदन लाल, अरुण कुमार, कांस्टेबल नरेश कुमार, रतिराम, बृजेश और चालक सुरेश कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, छोटीसादड़ी थाना टीम से एसएचओ प्रवीण टांक, एसआई नारायण लाल, एएसआई शिवराम, अर्जुन सिंह, हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार, महेश कुमार, रघुवीर सिंह और कांस्टेबल रामराज ने भी सराहनीय कार्य किया। कांस्टेबल सुरेश कुमार (नंबर 1144) की सटीक सूचना इस पूरी सफलता में निर्णायक साबित हुई।

राजस्थान पुलिस की यह कार्रवाई राज्य में अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ एक बड़ा प्रहार है और संगठित अपराध पर लगाम कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और गहन अनुसंधान जारी है।

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