ऋषभ पंत और रवींद्र जडेजा बने जुनून और ज़िम्मेदारी का संतुलन सिखाने वाले ब्रांड एंबेसडर

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मुंबई। भारत की अग्रणी और सबसे भरोसेमंद निजी जीवन बीमा कंपनियों में से एक, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने क्रिकेट के दो सुपरस्टार ऋषभ पंत और रवींद्र जडेजा को अपने नए ब्रांड एंबेसडर के रूप में जोड़ा है। इस नई ब्रांड कैंपेन के तहत दोनों को ‘जॉली’ और ‘पॉली’ के अनोखे किरदारों में पेश किया गया है, जो लोगों को अपने सपनों को पूरा करने के साथ-साथ पारिवारिक ज़िम्मेदारियों को सुरक्षित रखने की प्रेरणा देते हैं।

ऐसे समय में जब भारत में जीवन बीमा के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है, SBI लाइफ इस श्रेणी को लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी से और अधिक अर्थपूर्ण ढंग से जोड़ने पर केंद्रित है। ब्रांड के मूल दर्शन ‘अपने लिए, अपनों के लिए’ पर आधारित यह कैंपेन एक गहरी लेकिन सरल सच्चाई को सामने लाता है—व्यक्तिगत आकांक्षाएँ और पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ एक-दूसरे की विरोधी नहीं हैं।

जब अपने प्रियजनों का भविष्य आर्थिक रूप से सुरक्षित होता है, तो व्यक्ति निडर होकर अपने सपनों का पीछा कर सकता है। इस कैंपेन में ऋषभ पंत द्वारा निभाया गया ‘जॉली’ सहजता, आशावाद और पूरे दिल से ज़िंदगी जीने के साहस का प्रतीक है। जॉली लोगों को यह समझाने की कोशिश करता है कि जीवन की योजना बनाना आज़ादी को सीमित करना नहीं, बल्कि उसे सुरक्षित और मजबूत बनाना है।

वहीं रवींद्र जडेजा द्वारा निभाया गया ‘पॉली’ शांति, भरोसे और दूरदर्शी सोच का प्रतिनिधित्व करता है। पॉली संतुलित और स्पष्ट तरीके से यह संदेश देता है कि भविष्य की तैयारी करना एक ज़िम्मेदारी है, जो न सिर्फ परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को भी मजबूती देती है।

‘जॉली एंड पॉली’ मिलकर भारतीय परिवारों में होने वाली उस आंतरिक बातचीत को दर्शाते हैं, जहाँ आगे बढ़ने की चाह और अपनों की चिंता साथ-साथ चलती है। यह कैंपेन बीमा को डर या मजबूरी की तरह नहीं, बल्कि एक सशक्तिकरण के माध्यम के रूप में प्रस्तुत करता है—जो व्यक्ति को आत्मविश्वास, आशावाद और प्रगति की राह दिखाता है।

एसबीआई लाइफ ने इस पहल के तहत रोज़मर्रा की भारतीय ज़िंदगी से जुड़े दो टीवी कमर्शियल लॉन्च किए हैं, जहाँ सपने और ज़िम्मेदारियाँ एक-दूसरे से मिलती हैं। पहले में एक युवा महिला के कुश्ती को करियर के रूप में चुनने की कहानी दिखाई गई है, जिससे उसके परिवार में चिंता पैदा होती है। जॉली और पॉली परिवार को यह समझाने में मदद करते हैं कि एसबीआई लाइफ के साथ परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होने पर वह निडर होकर अपने सपनों को पूरा कर सकती है।

दूसरे में एक व्यक्ति महिलाओं के अधिकारों के लिए वकालत करने का फैसला करता है, जिससे परिवार को भविष्य की आर्थिक चिंताएँ सताने लगती हैं। यहाँ जॉली और पॉली यह संदेश देते हैं कि जब परिवार का भविष्य सुरक्षित हो, तो व्यक्ति समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले उद्देश्यपूर्ण रास्तों पर आगे बढ़ सकता है।

दोनों फिल्मों में ‘जॉली एंड पॉली’ कहानी को सहजता से आगे बढ़ाते हैं और यह मजबूत संदेश देते हैं कि—जब अपनों से किए वादे सुरक्षित होते हैं, तो इंसान का आत्मबल और संकल्प और भी मज़बूत हो जाता है। कैंपेन का समापन इस प्रभावशाली संदेश के साथ होता है: “करो पूरे अपने इरादे, अपनों से किए सभी वादे।”

(अनिल बेदाग)

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