जयपुर। भगवान महावीर के बाद जैन धर्म के प्रमुख व्रत सिंहनिष्क्रीडित व्रत के अंतर्गत 557 दिनों की लगातार मौन साधना, 12 हजार से अधिक उपवास तथा निराहार मौन साधना करने वाले प्रसिद्ध दिगम्बर जैन संत आचार्य प्रसन्न सागर महाराज ससंघ का आठ वर्ष बाद जयपुर में मंगल आगमन हुआ है।
आचार्य श्री ससंघ के सानिध्य में मानसरोवर स्थित शिप्रा पथ वीटी रोड पर आठ दिवसीय भगवत जिनेन्द्र महा अर्चना महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान 25 जनवरी को प्रातः 10 बजे भव्य जिनेश्वरी दीक्षा महोत्सव संपन्न होगा। आयोजन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। महोत्सव के तहत आयोजित होने वाले जिनेश्वरी दीक्षा एवं आठ दिवसीय भगवत जिनेन्द्र महा अर्चना महोत्सव—विश्व शांति महायज्ञ अनुष्ठान के पोस्टर का विमोचन दुर्गापुरा स्थित गायत्री नगर जैन मंदिर में जैन समाज के पदाधिकारियों द्वारा किया गया।
आयोजकों ने बताया कि यह महोत्सव आध्यात्मिक साधना, धर्म जागरण और विश्व शांति के संकल्प के साथ आयोजित किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।




















