जयपुर। पुलिस कमिश्नरेट जयपुर उत्तर की ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पिछले एक साल से फरार चल रहे एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी सचिवालय में नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों की ठगी करता था। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। फिलहाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस उपायुक्त (जयपुर उत्तर) करन शर्मा ने बताया कि ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अरुण शर्मा उर्फ आलू (32) निवासी कागदीवाड़ा (ब्रह्मपुरी) को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ 17 फरवरी 2025 को सुभाष कुमार नामक व्यक्ति ने मामला दर्ज कराया था।
थानाधिकारी हेमन्त जनागल ने बताया कि आरोपित अरुण शर्मा ने उसे सचिवालय में एलडीसी के पद पर सरकारी नौकरी लगवाने का लालच दिया था। इसके बदले आरोपी ने उससे 3.20 लाख रुपये ऐंठ लिए और विश्वास जीतने के लिए उसे एक फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने मामला दर्ज कराया। जिसके बाद से ही आरोपी अपनी पहचान छिपाकर फरार चल रहा था।
जिस पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नीरज पाठक व सहायक पुलिस आयुक्त (आमेर) सुरेन्द्र सिंह राणावत के सुपरविजन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी सहायता और मुखबिरों की सूचना पर आरोपी को दबोचा। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए ठगी करता था। वह कभी खुद को ड्रग इंस्पेक्टर तो कभी पुलिस अधिकारी बता कर लोगों पर रौब झाड़ता था।
वह बड़े अधिकारियों से अपनी साठगांठ होने का दावा कर युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देता था। साथ ही शातिर ठग अरुण शर्मा उर्फ आलू के खिलाफ पूर्व में भी जयपुर के ब्रह्मपुरी, गलता गेट और नाहरगढ़ थानों में ठगी के कई संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है, जिससे अन्य वारदातों और फर्जी दस्तावेजों के निर्माण के संबंध में जानकारी मिल सके।




















