जयपुर। श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय की अधीनस्थ इकाई राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान दुर्गापुरा में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विषय पर आयोजित समिट का समापन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. प्रेम चंद बैरवा, उप मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह चौहान, कुलगुरु श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय ने की।
डॉ. प्रेम चंद बैरवा ने कहा कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से कृषि क्षेत्र में नई क्रांति लाई जा सकती है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आने वाले समय में किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि कृषि को अधिक वैज्ञानिक, आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए तकनीकी नवाचारों को अपनाना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि एआई तकनीक के माध्यम से फसलों की बीमारियों की पहचान, मौसम का सटीक पूर्वानुमान, मृदा गुणवत्ता का विश्लेषण तथा सिंचाई प्रबंधन जैसे कार्य अधिक प्रभावी और सटीक ढंग से किए जा सकते हैं। इससे किसानों को समय पर सही निर्णय लेने में सहायता मिलेगी, जिससे उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ लागत में भी कमी आएगी।
इस अवसर पर डॉ. उमेद सिंह, निदेशक (कृषि अनुसंधान) ने आगंतुक अतिथियों का स्वागत किया, जबकि डॉ. सुरेंद्र सिंह मनोहर, निदेशक, राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान इंजीनियर दिलीप भारती, डॉ. ए. के. सिंह, डॉ. एन.एल. बैरवा, अधिष्ठाता, उद्यानिकी महाविद्यालय ने अतिथियों से सिंदूर पौधों का रोपण भी करवाया।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर आयोजित व्याख्यान सत्र में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने कृषि में एआई, नवाचार और उद्यमिता के अवसरों पर अपने विचार साझा किए।




















