जयपुर। प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा पुलिस कार्यप्रणाली की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने अहम निर्णय लिया है। जहां पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) संजय कुमार अग्रवाल ने बुधवार को संशोधित आदेश जारी कर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) स्तर के अधिकारियों को विभिन्न रेंज का प्रभार सौंपा है।
आदेश के अनुसार अब संबंधित एडीजी अधिकारी अपने-अपने आवंटित रेंज में कानून-व्यवस्था की स्थिति,पुलिस प्राथमिकताओं और योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य जिलों में बेहतर समन्वय स्थापित कर पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाना है।
जहां नई व्यवस्था के तहत एडीजी स्तर के अधिकारी सीधे रेंज की गतिविधियों पर नजर रखेंगे, जिससे कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में त्वरित निर्णय और जवाबदेही सुनिश्चित हो सकेगी। साथ ही विभिन्न अभियानों और प्राथमिकताओं के क्रियान्वयन की भी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।
जारी आदेशों के अनुसार भरतपुर रेंज की जिम्मेदारी एडीजी कार्मिक बीजू जॉर्ज जोसफजो कार्मिक से जुड़े मामलों के साथ अब रेंज की कानून-व्यवस्था की भी समीक्षा करेंगे।
जयपुर रेंज का प्रभार एडीजी दिनेश एम.एन. (उग्रवाद विरोधी दस्ता, एजीटीएफ एवं एएनटीएफ) को सौंपा गया है, जो राजधानी सहित आसपास के जिलों में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। वहीं बीकानेर रेंज की जिम्मेदारी एडीजी एवं निदेशक, राजस्थान पुलिस अकादमी संजीब कुमार नर्जरी को दी गई है, जो प्रशिक्षण के साथ-साथ क्षेत्रीय पुलिसिंग पर भी नजर रखेंगे।
कोटा रेंज का प्रभार एडीजी विशेष प्रचलन समूह (एसओजी) विशाल बंसल को सौंपा गया है, जो संगठित अपराध और विशेष अभियानों के अनुभव के आधार पर मॉनिटरिंग करेंगे। जोधपुर रेंज एवं आयुक्तालय की जिम्मेदारी एडीजी मुख्यालय हवा सिंह घुमरिया को दी गई है, जो प्रशासनिक अनुभव के साथ कानून-व्यवस्था पर सीधी निगरानी रखेंगे।
उदयपुर रेंज की जिम्मेदारी एडीजी सतर्कता एस. सेंगाथिर को सौंपी गई है, जिससे क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलेगी। अजमेर रेंज का प्रभार एडीजी आर्म्ड बटालियन एवं एसडीआरएफ रुपिन्दर सिंह को दिया गया है, जो आपदा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था के अनुभव के आधार पर कार्य करेंगे।
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि सभी अधिकारी अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों में नियमित भ्रमण, समीक्षा बैठकें और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की सतत निगरानी सुनिश्चित करेंगे, ताकि प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सके।



















