जयपुर। चैत्र के वासंतिक नवरात्र के पंचम दिन देवी मंदिरों में स्कंदमाता की आराधना के चलते गुलाबी नगरी जयपुर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबी नजर आई। शहर के प्रमुख मंदिर जय माता दी के जयकारों से गूंजायमान रहे। सुख-समृद्धि, संतति और मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना लेकर भक्तजन पूरे श्रद्धाभाव से मां भगवती की उपासना में लीन रहे।
पंचम नवरात्रि पर मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना की गई। मंदिरों में विधि-विधान के साथ कलश पूजन, दुर्गा सप्तशती का पाठ, हवन-यज्ञ तथा विशेष अनुष्ठानों का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने मां को फल, पुष्प, नारियल, चुनरी एवं मिष्ठान अर्पित कर अपनी आस्था व्यक्त की। साथ ही भजन-कीर्तन एवं जागरण के माध्यम से माता की महिमा का गुणगान किया गया।
आमेर स्थित प्रसिद्ध शिला देवी मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त मातारानी के दर्शन करने पहुंचे। यहां मां का आभूषणों एवं मनमोहक पुष्पों से श्रृंगार किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महाआरती उतारी गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में दिनभर दर्शन-पूजन का क्रम निरंतर जारी रहा। आमेर के मनसा माता मंदिर में चंडी पाठ हुए। घाटगेट श्मशान स्थित काली माता मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। यहां स्कंदमाता के स्वरूप का विशेष श्रृंगार कर किया गया। गया।
गलता पीठ के मंदिरों में सुबह से ही घंटा-घडिय़ाल की ध्वनि और मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। दुर्गापुरा स्थित दुर्गा माता मंदिर में भी पंचम नवरात्रि के अवसर पर विशेष पूजा का आयोजन किया गया।
वहीं खोले के हनुमान जी मंदिर में राम चरित मानस की चौपाइयों का पाठ किया गया। शहर के विभिन्न इलाकों में भजन संध्या एवं जागरण कार्यक्रम भी आयोजित हुए। भजनों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीतों पर श्रद्धालु झूम उठे और देर रात तक भक्ति का यह सिलसिला जारी रहा।




















