जयपुर। जन-जन को मर्यादा और आदर्शों का पाठ पढ़ाने वाले भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव गुरुवार को विभिन्न शुभ योग-संयोग में रामनवमी के रूप में धूमधाम से मनाया गया। छोटीकाशी के सभी राम मंदिरों और हनुमान मंदिरों में राम लला के जन्मोत्सव की खुशियां मनाई गई।
मुख्य आयोजन चांदपोल बाजार स्थित प्राचीन ठिकाना मंदिर श्री रामचंद्र जी में हुआ। सुबह मंगला आरती के साथ बधाई उत्सव प्रारंभ हो गया। सुबह से ही भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया और पूरे मंदिर में जय श्रीराम के उद्गोष गूंजते रहे। प्रात: 11 बजे श्री ठाकुर जी का पंचामृत अभिषेक किया गया। अभिषेक में लगभग 500 किलो दूध के साथ इत्र, गुलाब, केशर, केवड़ा, घी, चंदन, मोगरा सहित विभिन्न सुगंधित द्रव्यों का उपयोग किया गया।
षोडशोपचार पूजन के बाद श्रीराम दरबार का भव्य श्रृंगार किया गया। भगवान को रत्नजडि़त जरदोजी पोशाक धारण करवाई गई तथा हीरा, मोती, पन्ना, माणक, नीलम और सोना-चांदी के राजवाड़ी आभूषणों से अलंकृत किया गया। मंदिर परिसर स्थित श्री गुलाबेश्वर नाथ महादेव मंदिर में भी विशेष श्रृंगार की आकर्षक झांकी सजाई गई।
दोपहर 2 बजे भगवान श्री रामलला के जन्म की आरती बड़े हर्षोल्लास के साथ हुई। इस अवसर पर 51 किलो मावा एवं मेवे से निर्मित विशेष राम जन्म केक काटा गया तथा प्रसाद स्वरूप लड्डुओं का वितरण किया गया। दोपहर बाद राजभोग आरती एवं अन्य आरतियों का क्रम चलता रहा।
शाम को मुख्यमंत्री ने उतारी महाआरती:
शाम सात बजे 101 हवाईयों की गूंज के साथ दीप महाआरती हुई। बड़ी संख्या में महिलाओं ने एक साथ दीप प्रज्वलित कर भगवान की आरती की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, संत-महंत उपस्थित रहे और सामूहिक आरती में सहभागिता की। महाआरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर दीपों की रोशनी और भक्ति रस में सराबोर नजर आया।
यहां भी मनाया राम जन्म का उल्लास:
छोटी चौपड़ स्थित मंदिर श्री सीताराम जी में राम जन्म महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह पंडितों ने वेद मंत्रोच्चार के साथ 51 किलो दूध-दही के पंचामृत से अभिषेक किया। ठाकुरजी को नई पोशाक धारण कराई। महंत नंदकिशोर शर्मा ने आभूषण पहनाकर भगवान को पालने में विराजमान कर पुष्पों से भव्य श्रृंगार किया। मंदिर को आकर्षक सजावट से सजाया गया। भक्तों ने बधाइगान किया। दोपहर 1 बजे 21 हवाई गर्जनाओं की सलामी के साथ भगवान श्रीराम की जन्म महाआरती की गई। श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। पूरे आयोजन में समाज के गणमान्य व्यक्तियों एवं श्रद्धालुओं की भागीदारी रही।
108 औषधियों के हुआ महाभिषेक:
खोले के हनुमान मंदिर में रामनवमी पर मंदिर शिखर पर विराजित सियाराम जी के दरबार में 108 द्रव्यों, औषधियों, पंचामृत एवं सरयू जल से सियाराम जी का भव्य महाअभिषेक किया गया। षोडशोपचार पूजन कर नई पोशाक धारण कराई गई। फूल बंगला झांकी सजाकर राजभोग अर्पित किया गया।
महाअभिषेक के बाद दोपहर 12 बजे सियाराम जी की महाआरती संपन्न हुई। इसके बाद दोपहर 2 से 5 बजे तक हवन हुआ। मंदिर में सियाराम दरबार में छप्पन भोग की झांकी सजाई गई, वहीं संध्या समय फूल बंगला झांकी ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।




















