जयपुर। श्री प्रेम प्रकाश मण्डल के संस्थापक आचार्य श्री सदगुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज द्वारा सौ वर्ष पूर्व स्थापित किया *आध्यात्मिक चैत्र मेला जिसे प्रेम प्रकाश मण्डल का महाकुंभ कहा जाता है ! 105 वे आस्था के महाकुंभ में लाखों भक्त श्रृद्धालु माथा टेक रहे है। पंच दिवसीय चैत्र मेले के मालिक सदगुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज वो ही इस मेले की बागड़ोर संभालते है प्रेम प्रकाश मण्डल के संत महात्मा एवं लगभग 2500 से अधिक सेवादार निमित बनकर सेवा के कार्य संभालते है ।
देश विदेश से आने वाले प्रेमी भक्तों को लाने ले जाने एवं रहने उनके एंट्री पास बनाने हेतु लगभग 25 सेवादारी सेवा में है, अतिथि सत्कार , चाय पानी अल्पाहार हेतु 150 कैंटीन सेवादारी संभालते है। लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की पार्किंग और जूता ,चप्पल सेवा के लिए लगभग 10 स्थानों पे 300 से अधिक सेवाधारी प्रतिदिन दोपहर एवं शाम को भोजन प्रसादी बनाने हेतु सब्जी काटने, आटा गूथने, फुलके पकाने, बर्तन धोने, साफ सफाई हेतु ग्वालियर, ब्यावर, स्पेन, जकार्ता इंडोनेशिया, दुबई एवं अन्य मंडली की 700 से अधिक सेवाधारी और 125 सेवाधारी एवं रसोइए भोजन बनाने में, आचार्य श्री की अमोलक वाणी श्री अमरापुर सतसाहित्य के माध्यम से प्रसारण हेतु सेवा में 35 प्रेमी, निरंतर चलने वाले अन्न प्रसादम जल सेवा में 20, प्रेम प्रकाश महिला मंडल जयपुर, अमरापुर नवयुवक मंडल , प्रेम प्रकाश सेवा समिति के 1000 से अधिक सेवाधारी भोजन खिलाने एवं अन्य सेवाओं में भाग ले जीवन को सफल बना रहे है।
मंदिर के बाहर पार्किंग, यातायात व्यवस्था आदि की सुचारू देख रख कर रहे है। श्री अमरापुर स्थान चैत्र मेला के समापन 5 अप्रैल रविवार को सुबह 4 से 7 बजे प्रार्थना, संतो द्वारा सदगुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज द्वारा रचित वाणी का गायन, भजन सत्संग होगा तत्पश्चात श्री गुरु महाराज जी विश्व शांति पल्लव प्रार्थना के उत्सव का पंच दिवसीय चैत्र मेले का समापन करेंगे।




















