जयपुर। भारत सेवा संस्थान और महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति की ओर से महात्मा गांधी के दांडी मार्च और सविनय अवज्ञा आंदोलन के तहत अंग्रेजों के नमक कानून को तोडऩे के दिवस पर जेएलएन मार्ग स्थित महात्मा गांधी सर्किल पर विश्व शांति के लिए प्रार्थना सभा का आयोजन आयोजन किया गया। सभी ने गांधीजी प्रतिमा पर पुष्पाजंलि की। इसके बाद सर्व धर्म प्रार्थना सभा हुई।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मौके पर कहा कि यह आंदोलन सत्य, अहिंसा और जनशक्ति का अद्भुत उदाहरण था। आज के वैश्विक परिप्रेक्ष्य में जब विश्व अनेक चुनौतियों और तनावपूर्ण परिस्थितियों से गुजर रहा है, तब महात्मा गांधी के सिद्धांत पहले से अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। गांधीवादी कार्यकर्ता धर्मवीर कटेवा,राजीव अरोड़ा, जी एस बापना, प्रो. बी एम शर्मा, प्रो ध्यान सिंह, प्रो मोदानी, कुसुम जैन, प्रो शालनी सिंह, एस एस जोशी, हनुमान सहाय शर्मा, सीताराम, बनवारी लाल मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षाविदों रचनात्मक कार्यों में लगे बहुत सारे सामाजिक, राजनीतिक, सद्भावना, सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय महिला, पुरुष, नौजवान, विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनों ने सामूहिक प्रार्थना कर विश्व में शांति, सौहार्द और मानव कल्याण की कामना की। साथ ही यह संकल्प लिया गया कि समाज में प्रेम, भाईचारे और अहिंसा के मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। भारत सेवा संस्थान, जयपुर के सचिव गिरधारी सिंह बापना ने बताया कि 12 मार्च से प्रारंभ हुए दांडी मार्च की स्मृति में प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने सभी जिलों से अपील की कि इस प्रकार के आयोजन कर समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करें। संत कुमार ने आभार व्यक्त किया।




















