जयपुर। ‘एक्ट टू एक्शन’ संस्था की ओर से इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) जयपुर के सहयोग तथा ‘केयरगिवर्स आशा सोसाइटी’ के संचालन में शनिवार को भामाशाह टेक्नो हब के ऑडिटोरियम में विशेष समर कैंप का आयोजन किया गया। ‘प्राइमरी फर्स्ट एड मास्टरक्लास’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में 8 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने, प्राथमिक चिकित्सा देने और सामाजिक संवेदनशीलता विकसित करने का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘कैरिंग फॉर ग्रैंडपैरेंट्स’ सत्र रहा, जिसमें केयरगिवर्स आशा सोसाइटी के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. अरविंद माथुर ने बच्चों को बुजुर्गों की देखभाल, उनके साथ समय बिताने और उनकी जरूरतों को समझने के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि दादा-दादी और नाना-नानी परिवार की मजबूत नींव होते हैं तथा उनके प्रति सम्मान और संवेदनशीलता विकसित करना आवश्यक है। इस सत्र का उद्देश्य बच्चों में सहानुभूति, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों का विकास करना था।
कार्यक्रम में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. प्रियंशु माथुर के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने बच्चों को प्राथमिक उपचार और आपातकालीन प्रतिक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण देने वाले चिकित्सकों में डॉ. मोहित वोहरा, डॉ. नेहा अग्रवाल, डॉ. धनंजय मंगल, डॉ. संजीव हूजा और डॉ. रमेश चौधरी शामिल रहे।
दो घंटे तक चले इंटरैक्टिव मास्टरक्लास में बच्चों को डमी मॉडल और फर्स्ट एड किट के माध्यम से व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन), आपातकालीन स्थिति में त्वरित निर्णय लेने, एम्बुलेंस एवं चिकित्सा सहायता बुलाने की प्रक्रिया, घावों पर प्राथमिक उपचार तथा पट्टियां बांधने की तकनीकों की जानकारी दी गई।
आयोजकों ने बताया कि समर कैंप का उद्देश्य बच्चों को केवल मनोरंजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उनमें जीवन रक्षक जागरूकता, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागी बच्चों को ‘फ्यूचर ली।



















