खोराबीसल ज्वेलर लूटकांड में 3 और गिरफ्तार: मौका परेड देखने उमड़ी भीड़

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जयपुर। खोराबीसल के नांगल लाड़ी में 3 जुलाई को ज्वेलर शंकरलाल शर्मा पर जानलेवा हमला कर सोने-चांदी के जेवरों से भरा बैग लूटने के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी मुख्य बदमाशों की मदद करने, वारदात के लिए रेंटल कार उपलब्ध कराने तथा लूटे गए जेवरों को ठिकाने लगाने में शामिल थे। अदालत ने तीनों आरोपियों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस ने साक्ष्य जुटाने और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने के लिए आरोपियों की घटनास्थल पर मौका परेड कराई। इस दौरान पुलिस के कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच बदमाशों को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो और तस्वीरें भी रिकॉर्ड कीं।

पुलिस के अनुसार मामले में पहले मुख्य आरोपी कमलेश बाज्या (27), अशोक मीणा उर्फ गोलू मीणा (21) और विशाल मीणा (20) को गिरफ्तार कर लूटा गया माल बरामद किया जा चुका है। जांच आगे बढ़ने पर शिवशंकर यादव (21) निवासी पिपली की ढाणी, देवपुरा टाकलड़ा (चौमूं), राहुल शर्मा (21) निवासी भोलपुरा (कालाडेरा) तथा राजेश कुमार शर्मा (24) निवासी भीलपुरा, अनोपपुरा (कालाडेरा) को भी गिरफ्तार किया गया है।

कार के शीशे पर लगे स्टीकर से मिला अहम सुराग

वारदात की जांच के लिए पुलिस ने चार विशेष टीमों का गठन किया था। बदमाशों ने वारदात में प्रयुक्त रेंटल कार की नंबर प्लेट पर काला कपड़ा बांध रखा था, ताकि पहचान छिपाई जा सके। हालांकि घटनास्थल के पास कार के शीशे पर लगा एक विशिष्ट स्टीकर पुलिस के हाथ लग गया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की आवाजाही का रूट तैयार किया और कालवाड़ रोड-सिरसी लिंक रोड पर घेराबंदी कर मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

सब-इंस्पेक्टर अभिषेक स्वामी ने बताया कि पूछताछ में मुख्य आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने तीनों मददगारों को 25-25 हजार रुपए, यानी कुल 75 हजार रुपए दिए थे। इसके बदले आरोपियों ने चौमूं से प्रतिदिन पांच हजार रुपए किराए पर कार उपलब्ध कराई थी।

जांच में सामने आया कि वारदात के बाद लूटी गई चांदी को ठिकाने लगाने के लिए आरोपी राहुल शर्मा के घर के पीछे चांदी पिघलाने के उपकरणों से गहनों को गलाकर चांदी की सिल्लियां बना दी गईं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चांदी पिघलाने में इस्तेमाल उपकरण बरामद करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से हथियार उपलब्ध कराने वालों, गैंग के अन्य फरार सदस्यों तथा लूट के नेटवर्क के बारे में गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में कई अन्य आपराधिक मामलों के भी खुलासे हो सकते हैं।

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