जयपुर। शिवसेना की राजस्थान इकाई ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के गोमांस से जुड़े बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए भारतीय जनता पार्टी से ‘हिन्दुत्व’ का प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की है।
राज्य प्रमुख पदम जैन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि मुख्यमंत्री का यह बयान—“गौमांस खाने से मना नहीं कर रहा हूं, लेकिन घर के अंदर खाओ”—अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान से सनातन हिन्दू धर्म में पूजनीय गौमाता के प्रति असंवेदनशीलता झलकती है और यह बीजेपी के दोहरे चरित्र को दर्शाता है।
शिवसेना ने कहा कि यह बयान हिन्दू समाज की आस्था पर आघात है और चुनावी रणनीति के तहत दिया गया प्रतीत होता है। संगठन ने इसे लेकर कड़े शब्दों में विरोध दर्ज कराते हुए बीजेपी से अपने हिन्दुत्ववादी होने का स्पष्ट प्रमाण देने की मांग की है।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि देश-विदेश में भारत को जो सम्मान मिलता है, वह सनातन संस्कृति और परंपराओं के कारण है। ऐसे में गौमाता के प्रति किसी भी प्रकार की असंवेदनशीलता स्वीकार्य नहीं है।
शिवसेना राजस्थान इकाई ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार के मुद्दों पर स्पष्ट रुख नहीं अपनाया गया तो देशभर में हिन्दू समाज के बीच असंतोष बढ़ सकता है।




















