खरमास समाप्त: अब गूंजेंगी राजधानी में विवाह की शहनाइयां

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जयपुर। चार माह के लंबे इंतजार के बाद खरमास समाप्त होने के साथ ही 15 अप्रैल से मांगलिक कार्यों पर लगा विराम हट जाएगा। इसके साथ ही शहर में एक बार फिर शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी। आगामी महीनों में विवाह समारोहों की धूम रहने वाली है, खासकर 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अबूझ सावे पर बड़ी संख्या में शादियां आयोजित होंगी।

ज्योतिषाचार्य बनवारी लाल शर्मा के अनुसार अक्षय तृतीया इस सीजन का सबसे प्रमुख और शुभ सावा है। इसके अलावा अप्रैल, मई, जून और जुलाई में भी करीब 30 से अधिक शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं, जिससे चातुर्मास से पहले लगातार चार माह तक विवाह समारोहों का दौर जारी रहेगा।

हालांकि इस बार शादी समारोहों की रौनक पर महंगाई का असर भी साफ नजर आ रहा है। सोना-चांदी के बढ़ते दामों ने आभूषणों के बजट को प्रभावित किया है, वहीं तेल, दाल और मसालों की कीमतों में बढ़ोतरी से केटरिंग खर्च भी बढ़ गया है। कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी के चलते आयोजनकर्ताओं और केटरर्स की चिंता बढ़ी है, जिससे श्रम और सेवा शुल्क में भी वृद्धि देखी जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण ड्राई फ्रूट्स और आयातित मसालों के दाम भी बढ़े हैं, जिससे विवाह आयोजन पहले की तुलना में अधिक महंगे हो गए हैं। वहीं विवाह सीजन की भारी मांग के चलते शहर के प्रमुख मैरिज गार्डन, टेंट हाउस और आयोजन स्थल जुलाई तक अग्रिम बुक हो चुके हैं। मांग अधिक होने के कारण इनके किरायों में करीब 15 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है।

इसके बावजूद विवाह सीजन को लेकर लोगों में खासा उत्साह है और शहर एक बार फिर रंग-बिरंगे आयोजनों और खुशियों से सराबोर होने को तैयार है।

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