जयपुर। सुभाष चौक दरीबा पान स्थित आचार्य पीठ श्री सरस निकुंज में आचार्य शुकदेव जी महाराज का जयंती महोत्सव 17 अप्रैल को मंगल महोत्सव समाज के रूप में मनाया जाएगा। शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सान्निध्य में दोपहर 12 से शाम 6 बजे तक बधाईगान, नृत्य और प्रवचन के कार्यक्रम होंगे। रात्रि आठ से अगले दिन सुबह पांच बजे तक महोत्सव समाज, वाणी पाठ, बधाई गायन, नृत्य, आचार्य विनय के कार्यक्रम होंगे।
श्री सरस परिकर के प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि यहां चल रही श्रीमद्भागवत कथा का गुरुवार को विश्राम हुआ। शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सानिध्य में व्यासपीठ से मदन मोहन दास महाराज ने सुदामा चरित्र, कलियुग वर्णन, नव योगेश्वर संवाद, भागवत सार, परीक्षित मोक्ष की कथा का श्रवण कराया। मदन मोहन दास महाराज ने कहा कि कलियुग में भगवान का नाम कीर्तन ही भवसागर से पार होने का एकमात्र सहारा है। इसलिए प्रतिदिन परिवार के सभी लोग मिलकर भगवन नाम का कीर्तन करें। कथा के विश्राम के बाद मदन मोहन दास महाराज को विदाई दी गई।
शुक्रवार को होने वाले उत्सव के लिए श्री सरस निकुंज को फूल, बंदनवार, पर्दों से सजाया गया।




















