पाकिस्तान के लिए जासूसी का आरोपी मुस्ताक पांच दिन की रिमांड पर

0
118
Mustaq, accused of spying for Pakistan, remanded to five-day custody.
Mustaq, accused of spying for Pakistan, remanded to five-day custody.

जयपुर। सीआईडी इंटेलिजेंस राजस्थान की ओर से पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार मुस्ताक अली (26) को बुधवार सुबह जयपुर की अवकाशकालीन अदालत में पेश किया गया। जहां विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम संख्या-10 जयपुर महानगर प्रथम की अवकाशकालीन अदालत ने आरोपित मुस्ताक अली को पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया।

सीआईडी इंटेलिजेंस ने सात दिन की रिमांड की मांग की थी। अब आरोपित मुस्ताक अली को 22 जून को पुनः न्यायालय में पेश किया जाएगा। पेशी से पूर्व आरोपित का जयपुरिया अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद सीआईडी इंटेलिजेंस की टीम उसे कोर्ट लेकर पहुंची।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार के अनुसार जांच में सामने आया है कि मुस्ताक पिछले दो वर्षों से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के हैंडलर्स के संपर्क में था। उसे जैसलमेर जिले के नाचना क्षेत्र में सेना और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की गतिविधियों पर नजर रखने का जिम्मा सौंपा गया था। इसी उद्देश्य से पाकिस्तानी हैंडलर्स ने उसे मुख्य सड़क पर चाय की दुकान खुलवाने की सलाह दी थी।

सीआईडी इंटेलिजेंस ने को जैसलमेर जिले के नाचना थाना क्षेत्र के खारिया गांव से उसे हिरासत में लिया था। सीआईडी इंटेलिजेंस के विशेष लोक अभियोजक सुदेश सत्वान ने बताया कि आरोपित के मोबाइल फोन से दो संदिग्ध नंबर मिले हैं, जो ‘खालिद’ और ‘नजीर अहमद’ के नाम से सेव थे। दोनों पाकिस्तान में रहकर एजेंट कोऑर्डिनेटर और ट्रेनर के रूप में कार्य करते हैं। नजीर अहमद आरोपित का रिश्तेदार भी बताया जा रहा है।

जांच में सामने आया कि मुस्ताक गूगल मैप कैमरा एप्लीकेशन की सहायता से सेना और बीएसएफ से संबंधित स्थानों के फोटो और वीडियो भेजता था। इन फोटो और वीडियो के साथ अक्षांश और देशांतर की सटीक जानकारी भी साझा होती थी। जिससे संवेदनशील स्थानों की पहचान करना आसान हो जाता था।

पाकिस्तानी हैंडलर्स ने मुस्ताक को नाचना से बॉर्डर की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर चाय की दुकान संचालित करने के लिए कहा था। वह दुकान की आड़ में सेना और बीएसएफ की आवाजाही पर नजर रखता था तथा गतिविधियों के फोटो और वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजता था।

जांच एजेंसियों के अनुसार यदि समय रहते उसकी गिरफ्तारी नहीं होती तो दुकान पर लाइव फीड कैमरे लगाए जाने की तैयारी थी। इन कैमरों के जरिए सैन्य गतिविधियों की सीधी जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाई जा सकती थी।

प्रारंभिक जांच में आरोपी के बैंक खातों में यूपीआई के माध्यम से 25 से 30 हजार रुपए तक के संदिग्ध लेनदेन भी सामने आए हैं। एजेंसियां इन वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही हैं।

सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि मुस्ताक ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी महत्वपूर्ण जानकारियां पाकिस्तान भेजी हो सकती हैं। हालांकि इस संबंध में तकनीकी जांच और पूछताछ जारी है तथा अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सीआईडी इंटेलिजेंस के अनुसार मुस्ताक पिछले दो वर्षों से एजेंसियों की निगरानी में था। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पाकिस्तानी हैंडलर खालिद ने राजस्थान और अन्य क्षेत्रों में कितने लोगों का नेटवर्क तैयार किया है तथा इस जासूसी तंत्र की जड़ें कितनी गहरी हैं।

पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा पूछताछ में यह भी पता लगाया जा रहा है कि खालिद ने और कितने लोगों को जासूसी के लिए तैयार किया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here