जयपुर। वैशाली नगर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी के एक अनोखे मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपितों को धर—दबोचा है। जहां एक व्यक्ति ने अपनी ही गाड़ी चोरी होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाकर इंश्योरेंस कंपनी से 11 लाख 80 हजार रुपये का क्लेम हड़प लिए। फिलहाल आरोपितों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) प्रशांत किरण ने बताया कि वैशाली नगर थानाधिकारी आरती सिंह तंवर के नेतृत्व में पुलिस टीम इलाके में अपराधों की रोकथाम के लिए गश्त कर रही थी। इस दौरान 30 अप्रैल 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि खातीपुरा के एक गैराज में एक बिना नंबर की ब्लैक कलर की एक्सयूवी 300 कटवाने के लिए खड़ी है, जो संदिग्ध है।
पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और गैराज पर मौजूद लोकेन्द्र सिंह धाकड़ (28) से पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ करने पर लोकेन्द्र ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने पिछले साल मार्च 2025 में पुलिस थाना शिवदासपुरा में गाड़ी चोरी की झूठी एफआईआर दर्ज करवाई थी। उसने गाड़ी को आगरा में अपने साथी के पास छिपाकर रखा था। पुलिस द्वारा एफआर लगाने के बाद उसने इंश्योरेंस कंपनी से 11.80 लाख रुपये का क्लेम प्राप्त कर लिया।
आरोपी ने बताया कि वह पकड़े नहीं जाने के डर से गाड़ी को कटवाने (खुर्द-बुर्द करने) के लिए खातीपुरा गैराज में हितेश कुमावत (30) के पास लाया था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गाड़ी को जब्त कर लिया और दोनों आरोपियों लोकेन्द्र सिंह धाकड़ और हितेश कुमावत को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में कांस्टेबल दीप चंद की विशेष भूमिका रही।



















