जयपुर। नगर निगम जयपुर द्वारा संचालित “रंग दे गुलाबी अभियान” ने एक ही दिन में 500 से अधिक दीवारों पर चित्रकारी कर न केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है, बल्कि यह पहल मुख्यमंत्री की उस दूरदर्शी सोच के अनुरूप भी है, जिसमें जयपुर को स्वच्छ, सुंदर, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध एवं जनभागीदारी आधारित शहर के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह अभियान केवल दीवारों को रंगने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक व्यापक जन-आंदोलन के रूप में उभरा, जिसमें प्रशासन और नागरिकों के बीच समन्वय का एक सशक्त उदाहरण देखने को मिला।

नगर निगम के सभी 13 जोनों द्वारा एक साथ मिलकर किए गए इस अभियान में लगभग 600 से अधिक चित्रों का निर्माण किया गया, जिनमें स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय एकता जैसे सामाजिक विषयों को सृजनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया। इन चित्रों ने शहर की दीवारों को केवल आकर्षक ही नहीं बनाया, बल्कि आमजन को सकारात्मक संदेश देने का भी कार्य किया।
अभियान की विशेषता यह रही कि इसमें विद्यार्थियों की बड़ी और उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों ने पूरे मनोयोग और ऊर्जा के साथ इस अभियान में हिस्सा लिया, जिससे यह पहल युवा शक्ति के जुड़ाव का भी प्रतीक बन गई।
वहीं किन्नर (ट्रांसजेंडर) समुदाय की सक्रिय सहभागिता ने इस अभियान को एक भावनात्मक और सामाजिक रूप से समावेशी आयाम प्रदान किया। किन्नर समुदाय द्वारा स्वयं आगे आकर दीवारों पर चित्रकारी करना और इस अभियान का हिस्सा बनना समाज में समानता, सम्मान और एकता का सशक्त संदेश देता है।

अभियान के दौरान एक अत्यंत भावनात्मक क्षण तब देखने को मिला जब किन्नर समुदाय के सदस्यों ने नगर निगम आयुक्त एवं जिला कलेक्टर महोदय से उनके साथ मिलकर चित्रकारी करने का आग्रह किया। इस आत्मीय आग्रह को स्वीकार करते हुए दोनों अधिकारियों ने उनके साथ मिलकर दीवारों पर रंग भरे। इसके पश्चात किन्नर समुदाय ने पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार दोनों अधिकारियों को आशीर्वाद दिया, जो इस अभियान की संवेदनात्मक गहराई दर्शाता है।
इस पूरे अभियान के दौरान नगर निगम आयुक्त एवं जिला कलेक्टर द्वारा पूर्व निर्धारित योजना के तहत विभिन्न स्थलों का भ्रमण किया गया। उन्होंने अलग-अलग जोनों में जाकर चित्रकारी कार्यों का निरीक्षण किया, प्रतिभागियों से संवाद स्थापित किया तथा विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों और नागरिकों के उत्साह को सराहा। यह मैदानी उपस्थिति प्रशासन की प्रतिबद्धता और नेतृत्व की सक्रियता को दर्शाती है, जिससे अभियान को और अधिक प्रेरणा और गति मिली।
“रंग दे गुलाबी अभियान” ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनसहभागिता एक साथ आती है, तो सीमित समय में भी व्यापक परिवर्तन संभव है। यह पहल न केवल स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी को मजबूती प्रदान करती है, बल्कि जयपुर की पहचान को एक जागरूक, संवेदनशील और सहभागी शहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
नगर निगम जयपुर इस ऐतिहासिक अभियान में सहभागी हुए सभी विद्यार्थियों, किन्नर समुदाय, स्वयंसेवी संगठनों, समूहों एवं नागरिकों का हार्दिक आभार व्यक्त करता है और आशा करता है कि यह पहल भविष्य में भी इसी प्रकार जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ती रहेगी।



















