गोविंद देवजी मंदिर के सत्संग भवन में 1008 आसनों पर अखंड रामचरितमानस पाठ 30 एवं 31 मई को

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Continuous Recitation of the Ramcharitmanas on 1,008 Seats at the Satsang Bhavan of the Govind Devji Temple
Continuous Recitation of the Ramcharitmanas on 1,008 Seats at the Satsang Bhavan of the Govind Devji Temple

जयपुर। पुरुषोत्तम मास में 1008 आसनों पर अखंड रामचरितमानस पाठ का आयोजन 30 एवं 31 मई को गोविंद देवजी मंदिर के सत्संग भवन में होगा। त्रिवेणी वाले नारायणदासजी महाराज की और से जारी परंपरा के अनुसार प्रत्येक अधिकमास में 24 घंटे के अखंड रामचरितमानस का पाठ का आयोजन गोविंद देव मंदिर में भक्तों की और से आयोजित किया जा रहा है।

इसी कड़ी में इस बार अधिक मास में 30 मई शनिवार को सुबह 8:00 बजे से 31 मई रविवार प्रातः 11:00 बजे तक अखंड रामचरितमानस पाठ 1008 आसनों पर भक्तों द्वारा सामूहिक रूप से किया जाएगा। इस आयोजन में कोई भी भक्त पुण्य लाभ लेने के लिए प्रथम आओ प्रथम पाओ के आधार पर अपना आसन बुक करवा सकता है। कार्यक्रम की तैयारी में त्रिवेणी धाम के सभी सत्संगी भक्त लगे हुए हैं।

सत्संग भवन की व्यवस्था में त्रिवेणी धाम सेवा समिति के राम अवतार अग्रवाल, सत्यनारायण घीया, सुरेश ठाकुरिया, मोहनलाल शर्मा, ओमप्रकाश डंगायच, शंभूदयाल शर्मा, सत्य प्रकाश रावत एवं भानु प्रकाश शर्मा कार्यक्रम के लिए भक्तों से संपर्क कर उन्हें आयोजन की महत्ता के बारे में जानकारी दे रहे है।

कार्यक्रम से जुड़े हुए चंद्रमहेश झालानी ने बताया की आसन की निशुल्क बुकिंग सत्संग मंडलों के अलावा सुबह की झांकियां के समय गोविंद देव मंदिर परिसर में प्रवेश द्वार के पास करवाई जा सकती है। यह कार्यक्रम भक्तों के कल्याण एवं परमार्थ की भावना से किया जा रहा है।

जब कई लोग एक साथ मिलकर भक्ति भाव से रामकथा का पाठ करते हैं, तो सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बनता है। मान्यता है कि जहां रामायण का पाठ होता है, वहां हनुमान जी सूक्ष्म रूप में उपस्थित रहते हैं और भक्तों की रक्षा करते हैं।

संतों ने बताया की यह मान्यता सनातन धर्म में बहुत प्रचलित है कि रामायण या रामचरितमानस का सामूहिक पाठ (समूह में बैठकर पाठ) करने से फल अत्यंत बढ़ जाता है। सामूहिक रूप से किए गए पाठ का पुण्य हजार गुना (अनेक गुना) माना जाता है। यह माना जाता है कि सामूहिक पाठ से कठिन क्लेश और संकट भी दूर हो जाते हैं।

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