जयपुर। राजस्थान पुलिस की कम्युनिटी पुलिसिंग शाखा द्वारा महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को जयपुर के एक प्रतिष्ठित महाविद्यालय में “महिला सुरक्षा में कम्युनिटी पुलिसिंग की भूमिका” विषय पर विशेष जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया।
महाविद्यालय की महिला सुरक्षा एवं सलाह समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा साधनों के प्रति जागरूक करना था। इस कार्यक्रम की मुख्य वक्ता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कम्युनिटी पुलिसिंग सुनीता मीणा ने छात्राओं और स्टाफ को संबोधित करते हुए कहा कि सजगता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है।
उन्होंने राजस्थान पुलिस द्वारा संचालित महिला हेल्पलाइन नंबरों 112, 1090, सखी हेल्पलाइन 181 और साइबर हेल्पलाइन नम्बर 1930 के प्रभावी उपयोग के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में इन नंबरों पर सूचना देकर त्वरित सहायता प्राप्त की जा सकती है।
मीणा ने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट और महिला बीट अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार पुलिस और समाज मिलकर एक सुरक्षित माहौल तैयार कर सकते हैं। उन्होंने तकनीक के दौर में ‘राजकॉप सिटीजन एप’ को सुरक्षा के लिए एक सशक्त माध्यम बताया और छात्राओं को इसके फीचर्स से अवगत कराया।
बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने छात्राओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सावधानी बरतने की सलाह । उन्होंने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और साइबर ठगी से बचाव के व्यावहारिक उपाय साझा किए। सेमिनार का संदेश स्पष्ट था कि जब पुलिस और नागरिक एक टीम के रूप में कार्य करते हैं, तो अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
इस कार्यक्रम की शुरुआत में महाविद्यालय के प्राचार्य ने मुख्य वक्ता मीणा का स्वागत किया और समाज में पुलिस की बदलती और मित्रवत भूमिका की सराहना की। कार्यक्रम की संयोजिका ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस प्रकार के संवाद विद्यार्थियों में आत्मविश्वास भरते हैं और उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करते हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



















