गोविंद देवजी मंदिर में निशुल्क पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन

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Free Five-Kundiya Gayatri Mahayajna Organized at Govind Devji Temple
Free Five-Kundiya Gayatri Mahayajna Organized at Govind Devji Temple

जयपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में रविवार को गोविंद देव जी मंदिर प्रांगण में निशुल्क पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन हुआ। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सानिध्य में आयोजित इस यज्ञ में चार पारियों के दौरान ढाई सौ से अधिक श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण की भावना से यज्ञ भगवान को आहुतियां अर्पित कीं। पूरा वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। यज्ञ का संचालन गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी के व्यवस्थापक सोहनलाल शर्मा के निर्देशन में हुआ।

आचार्य पीठ से डॉ. राजकुमार सातनकर एवं तुलाराम ने विधि-विधान से यज्ञ सम्पन्न करवाया। इस अवसर पर डॉ. सातनकर ने कहा कि यज्ञ केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। यज्ञ में अर्पित सामग्री सूक्ष्म रूप में परिवर्तित होकर वातावरण में फैलती है, जिससे पर्यावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

उन्होंने कहा कि जहां नियमित रूप से हवन होता है, वहां एक प्रकार का सुरक्षा कवच बनता है जो नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करता है। यही कारण है कि भारतीय संस्कृति में नित्य हवन की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। उन्होंने अपने समय, साधन, श्रम, ज्ञान, प्रभाव धन का एक अंश नियमित रूप से जरूरतमंद लोगों के लिए लगाने का आह्वान किया।

यज्ञ के दौरान “युग निर्माण सत्संकल्प” का सामूहिक पाठ भी कराया गया, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने समाज और राष्ट्र के उत्थान का संकल्प लिया। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि दो बच्चों के जन्मदिन भारतीय संस्कृति के अनुरूप यज्ञ के साथ मनाए गए। बच्चों द्वारा पंचतत्व पूजन किया गया और उपस्थित जनों ने पुष्प वर्षा कर उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया।

इस अवसर पर गायत्री चेतना केंद्र, जनता कॉलोनी की ओर से साहित्य स्टॉल भी लगाई गई। जहां श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ देखने को मिली। डिजिटल युग के बावजूद लोगों ने जीवनोपयोगी पुस्तकों में रुचि दिखाई। विशेष रूप से बच्चों के लिए बाल निर्माण की कहानी पुस्तकें लागत मूल्य पर उपलब्ध कराई गईं, जिन्हें बड़ी संख्या में खरीदा गया। गायत्री मंत्र से संबंधित साहित्य, तांबे के पत्र, मंत्र स्टिकर आदि भी आकर्षण का केंद्र रहे।

कार्यक्रम की पूर्णाहुति पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए पक्षियों के लिए परिंडे लगाने तथा उनमें नियमित जल भरने का प्रण लिया। साथ ही कई लोगों ने प्रतिदिन 15 मिनट गायत्री महामंत्र जप कर विश्व कल्याण की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

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