जयपुर। वांछित अपराधियों, भगोड़ों और इनामी बदमाशों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कानोता थाना पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए 5 हजार और 2 हजार के दो इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी नकली सोने की ईंट बेचकर ठगी करता था,जबकि दूसरा कर्ज के बदले गाड़ी छीनकर एक व्यक्ति को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोपी है।
पुलिस उपायुक्त (जयपुर पूर्व) रंजीता शर्मा ने बताया कि पहली कार्रवाई ठगी के एक मामले में की गई। आरोपी निहाल सिंह (35) निवासी ग्राम भंडारा (थाना जुरहरा, जिला डीग) लोगों को झांसा देकर सोने की नकली ईंट असली बताकर बेचता था और मोटी रकम ऐंठकर फरार हो जाता था।
इस शातिर ठग पर पुलिस प्रशासन द्वारा 5 हजार का इनाम घोषित किया गया था, जिसे पुलिस टीम ने कड़े प्रयासों के बाद दबोच लिया। वहीं
दूसरी कार्रवाई आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले में की गई। पुलिस ने 2 हजार के इनामी आरोपी कालूराम मीणा (45) निवासी बामनवास जिला सवाई माधोपुर को गिरफ्तार किया है।
आरोपी कालूराम ने एक व्यक्ति को उधार रुपये दे रखे थे। रुपये वापस न मिलने पर वह मृतक की ‘ब्रेजा कार’ को जबरन अपने साथ ले गया और दबाव बनाकर खाली कागजातों पर उसके हस्ताक्षर करवा लिए। इस प्रताड़ना और अपमान से तंग आकर पीड़ित ने आत्मघाती कदम उठा लिया था। घटना के बाद से ही कालूराम फरार चल रहा था।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (जयपुर पूर्व) आलोक सिंघल के निर्देशन और सहायक पुलिस आयुक्त (बस्सी) लक्ष्मी सुथार के नेतृत्व में कानोता थानाधिकारी मुनीन्द्र सिंह (पु.नि.) की विशेष टीम ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया। दोनों आरोपी पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने और मोबाइल नंबर बदल रहे थे।
पुलिस टीम ने बेहद सूझबूझ का परिचय देते हुए गुप्त रूप से जानकारी जुटाई, वेश बदला और संभावित ठिकानों पर दबिश देकर इन्हें सवाई माधोपुर से दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने के साथ आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई है।
इस दोहरे अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली टीम में कानोता थानाधिकारी मुनीन्द्र सिंह, उपनिरीक्षक सुभाष, सहायक उपनिरीक्षक श्रवण लाल, कांस्टेबल प्रकाश , अनु कुमार और मंतराम शामिल रहे।



















