जयपुर। चौमूं थाना पुलिस ने फर्जी जमीन पट्टों के जरिए लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। मामले में पुलिस पहले ही दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
थाना प्रभारी हरबेन्द्र सिंह ने बताया कि आरोपी गुरदीप सिंह ने अपने साथियों राजेंद्र कुमार बुनकर और सूरजमल योगी के साथ मिलकर सूरजपोल गृह निर्माण सहकारी समिति के नाम से फर्जी पट्टे और आवंटन पत्र तैयार किए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों ने जमीन बेचने का झांसा देकर परिवादी से लाखों रुपए ठग लिए।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बालाजी विहार योजना में 666 वर्गगज भूमि का फर्जी पट्टा दिखाकर परिवादी से 11 लाख 54 हजार रुपए नकद वसूल किए थे। बाद में जब परिवादी ने सहकारी समिति में दस्तावेजों की जांच करवाई तो मामला खुल गया। समिति ने जांच में स्पष्ट किया कि पट्टे और आवंटन पत्र पूरी तरह फर्जी हैं।
मामले में रामपुरा डाबड़ी निवासी नानूराम देवन्दा ने 2 दिसंबर 2025 को चौमूं थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने सहकारी समिति के रिकॉर्ड खंगाले, जिसमें दस्तावेज फर्जी पाए गए। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी राजेंद्र कुमार बुनकर और सूरजमल योगी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
फरार चल रहे मुख्य आरोपी गुरदीप सिंह (39) पुत्र सूरजीत सिंह निवासी निर्मल वाटिका, नांगल सिरस, बैनाड़ रोड, खोराबीसल, हरमाड़ा को अब गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले में आगे की जांच कर रही है।



















