जयपुर। नारायण विहार थाना पुलिस ने भू-माफियाओं और जमीनों के फर्जीवाड़े के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपए की बेशकीमती जमीन हड़पने की साजिश का खुलासा किया है। पुलिस ने वर्ष 2007 का फर्जी पट्टा तैयार कर जमीन हड़पने के मामले में मुख्य आरोपी भारत संधू को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने वर्ष 2023 में बैठकर करीब 16 साल पुराना फर्जी पट्टा तैयार किया था।
पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि परिवादी बृजेश यादव ने 3 दिसंबर 2025 को नारायण विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि कुछ भू-माफियाओं और जालसाजों ने संगठित होकर जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार किए और धोखाधड़ी कर जमीन हड़पने का प्रयास किया। इस पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 338 और 336(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि वर्ष 2023 में मुख्य साजिशकर्ता राजेश यादव ने आरोपी भारत संधू को पांच लाख रुपए देने का लालच दिया था। इसके बाद राजेश यादव ने हनुमंत विहार स्थित प्लॉट संख्या ए-70 का एक ब्लैंक पट्टा भारत संधू को उपलब्ध कराया। साजिश के तहत पट्टे पर भारत संधू की फोटो लगाकर उसे वर्ष 2007 का दर्शाते हुए फर्जी तरीके से तैयार किया गया। इस काम के एवज में आरोपी को तत्काल आठ हजार रुपए नकद दिए गए थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इस साजिश में अशोक कुमावत भी शामिल था। भारत संधू ने फर्जी पट्टे के आधार पर प्लॉट के स्वामित्व और बेचान से जुड़े दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर किए तथा बाद में जमीन का सौदा अशोक कुमावत के नाम कर दिया।
मामले में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर नारायण विहार थाना पुलिस ने 17 मई 2026 को मुख्य आरोपी भारत संधू (65) निवासी माधोराजपुरा जयपुर ग्रामीण को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी वर्तमान में लाल कोठी स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहा था।
पुलिस के अनुसार आरोपी बेहद शातिर प्रवृत्ति का है और उसके खिलाफ पूर्व में भी धोखाधड़ी एवं जालसाजी के प्रकरण दर्ज होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है, वहीं फरार सह-आरोपी राजेश यादव और अशोक कुमावत की तलाश में दबिश दी जा रही है।



















