जयपुर। राजधानी में जमीन और आवासीय स्कीमों के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रामनगरिया थाना पुलिस ने चतरपुरा स्थित श्री नृसिंह आर्केड आवासीय स्कीम में करोड़ों रुपए की जालसाजी के मामले में पिछले छह महीने से फरार चल रहे आरोपी खातेदार गोपाल मीणा गोपाल मीणा (62) निवासी रामनगरिया को गिरफ्तार कर लिया। इस बहुचर्चित मामले में पुलिस पहले ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व रंजीता शर्मा ने बताया कि रामनगरिया थाना क्षेत्र के ग्राम चतरपुरा में करीब 72 बीघा बेशकीमती जमीन स्थित है। वर्ष 2003 में जमीन के मूल खातेदारों ने यह भूमि डेवलपर्स को बेच दी थी। इसके एवज में खातेदारों ने चेक और नकद के रूप में पूरी राशि भी प्राप्त कर ली थी। जमीन के विकास के लिए डेवलपर्स को बाकायदा ‘मुख्तयार आम’ (पावर ऑफ अटॉर्नी) भी दिया गया था।
इसके बाद डेवलपर्स ने उक्त भूमि पर ‘श्री नृसिंह आर्केड’ नाम से आवासीय स्कीम विकसित कर आम लोगों को भूखंड बेच दिए। लेकिन जब भूखंडधारकों ने अपने प्लॉट पर निर्माण कार्य शुरू करना चाहा तो खातेदारों ने विवाद खड़ा कर निर्माण कार्य का विरोध शुरू कर दिया और वर्षों तक निर्माण नहीं होने दिया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने जमीन की पूरी कीमत वसूलने के बावजूद दोबारा उसी जमीन को अन्य पार्टी को बेचकर मोटा मुनाफा कमाने की योजना बनाई थी। पीड़ितों की शिकायत पर रामनगरिया थाने में धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार आरोपी गोपाल मीणा गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और पिछले छह महीने से फरार चल रहा था। वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व और सहायक पुलिस आयुक्त के सुपरविजन में रामनगरिया थानाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
इस टीम में उपनिरीक्षक मुकेश कुमार, हेड कांस्टेबल राकेश तथा कांस्टेबल शिवपाल और राहुल शामिल थे। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और मैन्युअल पुलिसिंग के आधार पर आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार निगरानी रखी और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार इस जमीन घोटाले में अन्य सह-खातेदार भी शामिल हैं। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।



















