बच्चों को बचपन से ही दें धर्म, नैतिकता और भक्ति के संस्कार : गिरिराज शास्त्री

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जयपुर। श्री पुष्टिमार्गीय वैष्णव मंडल एवं श्री वल्लभ पुष्टिमार्गीय मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में अधिकमास के अवसर पर सूरजपोल स्थित मोहनबाड़ी के श्री गोवर्धननाथ जी मंदिर में आयोजित 11 दिवसीय श्रीमद्भागवत एकादश एवं मूल श्लोक परायण के चौथे दिन बुधवार को भीष्म पितामह संवाद और श्रीकृष्ण-अर्जुन संवाद के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा के दौरान बच्चों को संस्कारवान बनाने और सनातन मूल्यों से जोड़ने का संदेश दिया गया।

कथा के प्रारंभ में मुख्य यजमान बांगड़ परिवार ने श्रीमद्भागवत की पूजा-अर्चना कर आरती उतारी। इसके बाद श्रद्धालुओं ने श्री गोवर्धननाथ एवं मथुराधीश प्रभु के दर्शन कर 56 भोग महोत्सव में भाग लिया।

कथावाचक गिरिराज शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत के अनुसार बच्चों को बचपन से ही धर्म, नैतिकता और भक्ति के संस्कार देना माता-पिता का पहला कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि बच्चों को सत्संग, पूजा-पाठ, महापुरुषों की कथाएं और सद्ग्रंथों के माध्यम से सत्य, सेवा, करुणा और बड़ों के सम्मान जैसे संस्कार सिखाए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि संस्कार बचपन में ही दिए जाने चाहिए, क्योंकि उसी समय बाल मन को सही दिशा दी जा सकती है। बच्चों को रामायण, गीता और भागवत की कथाएं सुनाने तथा पूजा में बैठाने की आदत डालनी चाहिए। जिस घर में सद्ग्रंथ नहीं होते, वह घर श्मशान के समान माना गया है। बच्चे उपदेश से कम और माता-पिता के व्यवहार से अधिक सीखते हैं।

भीष्म पितामह संवाद का उल्लेख करते हुए शास्त्री ने कहा कि महाभारत में बाणों की शय्या पर लेटे भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर को राजधर्म, मोक्ष और नैतिकता का उपदेश दिया था। वहीं भगवान कृष्ण के प्रति उनकी भक्ति ‘भीष्म स्तुति’ के रूप में प्रसिद्ध है।
श्रीकृष्ण-अर्जुन संवाद पर उन्होंने कहा कि ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ जीवन के कर्म, धर्म और कर्तव्य का शाश्वत संदेश देती है।

कुरुक्षेत्र के युद्ध में निराश अर्जुन को भगवान कृष्ण ने कर्मयोग और धर्म का मार्ग दिखाया, जो आज भी मानव जीवन के लिए प्रेरणास्रोत है। इस अवसर पर नारायण लाल अग्रवाल, लक्ष्मण, ओमप्रकाश मांधना, सरोज चावला, रामसहाय मांधना, सुनील कपूर, संजय बांगड़, भरत मालपानी, प्रमोद कोटेवाला, गोवर्धन भगत एवं रेखा भगत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

मंडल अध्यक्ष गोविन्द मालपानी, मंत्री पीडी बांगड़ एवं कोषाध्यक्ष सोहन लाल अग्रवाल टुकड़ेवाला ने बताया कि आयोजन के दौरान प्रतिदिन भागवत के मूल श्लोकों का पाठ किया जा रहा है। पाठ की स्वर लहरियों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है।

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