जयपुर। आस्था के पावन केंद्र श्री अमरापुर स्थान जयपुर में शुक्रवार को आचार्य श्री सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज का मासिक जन्मोत्सव ‘चौथ पर्व’ श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। सुबह मंगला दर्शन से लेकर रात्रि तक मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही और पूरे दिन भक्ति एवं सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला।
जन्मोत्सव के अवसर पर ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए प्रभु को 56 व्यंजन थाल, शीतल आम रस और ऋतु फल आम का विशेष भोग अर्पित किया गया। थाल में डोडा चटनी महाप्रसादी के साथ सिंधी व्यंजनों एवं विभिन्न मिष्ठानों जैसे हलवा, मोहनथाल और मेसू टिक्की सहित अनेक पकवान शामिल किए गए। श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच प्रभु के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
चौथ पर्व पर सुबह 6 बजे मंगला दर्शन से ही श्रद्धालुओं का दर्शन के लिए तांता लगना शुरू हो गया, जो रात्रि 9 बजे तक जारी रहा। दिनभर नित्य नियम प्रार्थना, भजन-सत्संग और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ।
सायंकाल 4.30 बजे से आयोजित संगीतमय ब्रह्मदर्शनी पाठ में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। इस अवसर पर पूज्य स्वामी मोहन प्रकाश जी महाराज ने कहा कि ब्रह्मदर्शनी अपने नाम के अनुरूप ब्रह्म ज्ञान का साक्षात स्वरूप है। इसके पाठ से मन की भ्रांतियां समाप्त होती हैं और ईश्वरीय स्वरूप का अनुभव होता है। उन्होंने बताया कि सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज द्वारा रचित ‘ब्रह्मदर्शनी’ प्रेम प्रकाश ग्रंथ का महत्वपूर्ण अंश है, जिसका पाठ प्रत्येक मासिक जन्मोत्सव पर किया जाता है।
चौथ पर्व पर भक्ति के साथ सेवा कार्यों का भी विशेष आयोजन हुआ। अन्न भोजन प्रसादम में पुलाव वितरित किया गया, वहीं राहगीरों को गर्मी से राहत देने के लिए छाछ और शरबत का वितरण भी किया गया। प्रेम प्रकाश मंडल द्वारा जानकारी दी गई कि संस्थापक मंगलमूर्ति आचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज का चालीहा महोत्सव 9 जून से 19 जुलाई तक, सद्गुरु टेऊँराम जयंती के अवसर पर, श्री अमरापुर स्थान जयपुर सहित विश्वभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा।



















