जयपुर। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने व्हाट्सएप सुरक्षा को लेकर आमजन के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। साइबर शाखा ने चेतावनी दी है कि एक छोटी सी लापरवाही के कारण हैकर्स यूजर्स की निजी चैट, फोटो, वीडियो, बैंकिंग डेटा और अन्य संवेदनशील जानकारियां चुरा सकते हैं। ऐसे में नागरिकों को तुरंत अपने व्हाट्सएप अकाउंट की सुरक्षा सेटिंग्स मजबूत करने की सलाह दी गई है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि साइबर अपराधियों के बढ़ते नेटवर्क को देखते हुए लोगों को व्हाट्सएप की महत्वपूर्ण प्राइवेसी और सिक्योरिटी सेटिंग्स सक्रिय करनी चाहिए, ताकि डिजिटल ठगी से बचा जा सके।
टू-स्टेप वेरिफिकेशन को बताया सबसे मजबूत सुरक्षा कवच
साइबर विशेषज्ञों ने व्हाट्सएप अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए टू-स्टेप वेरिफिकेशन फीचर तुरंत चालू करने की सलाह दी है। इसके लिए यूजर्स को व्हाट्सएप की सेटिंग्स > खाते में जाकर एक गोपनीय पिन सेट करना होगा। इस फीचर के सक्रिय होने पर यदि कोई अपराधी सिम कार्ड का क्लोन भी बना लेता है, तब भी वह बिना पिन के अकाउंट एक्सेस नहीं कर सकेगा।
प्राइवेसी सेटिंग्स को रखें सीमित
साइबर शाखा ने प्रोफाइल फोटो, लास्ट सीन, स्टेटस और ग्रुप्स जैसी निजी जानकारियों को सुरक्षित रखने के लिए प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर इन विकल्पों को “मॉय कॉन्टर्क” पर सीमित रखने की सलाह दी है। इससे अनजान लोग फोटो या जानकारी का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे और फर्जी ग्रुप में जोड़ने जैसी घटनाओं से भी बचाव होगा।
मीडिया ऑटो-डाउनलोड तुरंत करें बंद
एडवाइजरी में कहा गया है कि साइबर ठग व्हाट्सएप पर वायरस या मालवेयर से संक्रमित एपीके और पीडीएफ फाइलें भेजते हैं। यदि मीडिया ऑटो-डाउनलोड ऑन रहता है तो ये फाइलें स्वतः मोबाइल में डाउनलोड होकर बैंकिंग डेटा चोरी कर सकती हैं। इससे बचने के लिए यूजर्स को स्टोरेज और डेटा सेटिंग में जाकर ऑटो-डाउनलोड फीचर बंद रखने की सलाह दी गई है।
अनजान कॉल और लोकेशन ट्रैकिंग से रहें सतर्क
साइबर पुलिस ने अनजान नंबरों से आने वाली स्पैम और इंटरनेशनल स्कैम कॉल्स से बचने के लिए साईलेंट अनकॉलर फीचर ऑन करने को कहा है। वहीं इंटरनेट लोकेशन सुरक्षित रखने के लिए एडवांस प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर “कॉल में आईपी एड्रेस सुरक्षित रखें” विकल्प सक्रिय करने की सलाह दी गई है।
लिंक्ड डिवाइस की नियमित जांच जरूरी
साइबर शाखा ने नागरिकों को समय-समय पर व्हाट्सएप के लिंक्ड डिवाइस विकल्प की जांच करने को कहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनका अकाउंट किसी अज्ञात कंप्यूटर या डिवाइस पर लॉगिन तो नहीं है। संदिग्ध डिवाइस मिलने पर उसे तुरंत लॉग आउट करने की सलाह दी गई है।
साइबर शाखा ने आमजन से अपील की है कि किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।



















