जयपुर। राजस्थान पेंशनर समाज उप शाखा शासन सचिवालय की ओर से एनबीसी रोड स्थित प्रदेश कार्यालय परिसर (1-ए हरिपुरा, जल भवन के पास) में एक अनूठे ‘संस्कार महोत्सव’ का आयोजन किया गया। इस महोत्सव के तहत पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें अप्रैल और मई 2026 के महीने में जन्मदिवस एवं वैवाहिक वर्षगांठ मनाने वाले पेंशनर साथियों का भव्य सम्मान किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि सिविल लाइंस विधायक डॉ. गोपाल शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने महायज्ञ की अवधारणा और इसके सामाजिक-आध्यात्मिक महत्व की खुलकर सराहना की। विधायक ने कहा कि ऐसे रचनात्मक और आध्यात्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक सशक्त माध्यम बनते हैं।
आचार्य पीठ से पधारे गायत्री वेदना निवारण केन्द्र के विद्वान पंडित हरिराम गुप्ता एवं दिवाकर शर्मा ने पूर्ण वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ पंच कुंडीय महायज्ञ का संचालन कराया।आचार्यों ने अपने संबोधन में जन्मदिवस और वैवाहिक वर्षगांठ को पाश्चात्य संस्कृति के बजाय भारतीय संस्कारमय ढंग से मनाने के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने ‘बलिवैश्व यज्ञ’ की वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला। महायज्ञ की पूर्णाहुति पर उपस्थित सभी पेंशनर्स और प्रबुद्ध जनों ने अपने जीवन से ‘एक बुराई त्यागने और एक अच्छी आदत अपनाने’ का सामूहिक संकल्प लिया।
उत्सव के दूसरे चरण में अप्रैल-मई माह में जन्म लेने वाले और विवाह बंधन में बंधने वाले वरिष्ठ पेंशनर्स का सम्मान किया गया। राजस्थान पेंशनर समाज के प्रदेशाध्यक्ष शंकर सिंह मनोहर तथा उप शाखा शासन सचिवालय के अध्यक्ष भगवान सहाय मीणा ने सभी सम्मानित साथियों का माला एवं पटका पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।
सेवानिवृत्त कर्मचारी प्रेमचंद शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के सफल समापन पर उप शाखा अध्यक्ष भगवान सहाय मीणा ने मुख्य अतिथि, गायत्री परिवार के आचार्यों, सभी सहयोगियों और उपस्थित पेंशनर साथियों का आभार व्यक्त किया।



















