
जयपुर। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले एक फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसे तकनीकी निगरानी और लगातार प्रयासों के बाद गिरफ्तार किया गया।
एसओजी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी वण कुमार पुत्र राजूराम बिश्नोई, निवासी नेरी नाड़ी, तहसील धोरीमन्ना, जिला बाड़मेर है। उसे 6 जून को गिरफ्तार किया गया।
एसओजी हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 (विज्ञान विषय) में वण कुमार ने स्वयं परीक्षा देने के बजाय डमी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाया था। शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई और आरोप सही पाए जाने पर एसओजी थाना जयपुर में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
जांच के दौरान एसओजी ने राजस्थान लोक सेवा आयोग, अजमेर से आवेदन पत्र, प्रवेश पत्र, उपस्थिति पत्रक, ओएमआर शीट, पात्रता जांच पत्र सहित अन्य अभिलेख प्राप्त कर उनकी गहन पड़ताल की। जांच में सामने आया कि आरोपी ने 24 दिसंबर 2022 को जोधपुर के बालसमंद स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित विज्ञान विषय की परीक्षा तथा 29 जनवरी 2023 को कालीबेरी स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान विषय की परीक्षा में अपने स्थान पर डमी अभ्यर्थी को बैठाया था।
एसओजी की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस फर्जीवाड़े के जरिए आरोपी ने परीक्षा में सफलता हासिल की। चयन होने के बाद उसने आवेदन एवं दस्तावेज सत्यापन के दौरान अपने फोटो और दस्तावेज प्रस्तुत कर वरिष्ठ अध्यापक पद पर सरकारी नौकरी प्राप्त कर ली।
इस घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहा था। एसओजी की तकनीकी सेल की सहायता से उसकी लोकेशन ट्रेस कर 6 जून को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा में डमी कैंडिडेट के रूप में किस व्यक्ति ने परीक्षा दी थी और इस संगठित परीक्षा फर्जीवाड़े में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे। मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


















