जयपुर। अधिकमास के समापन की पूर्व संध्या और दर्श अमावस्या के पावन अवसर पर रविवार को आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर परिसर में एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान होने जा रहा है। मंदिर में सुबह 8 से 10 बजे तक निशुल्क ‘पितृ तृप्ति गायत्री महायज्ञ’ का आयोजन किया जाएगा। यह यज्ञ मंदिर के महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में आयोजित होगा, जिसे गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी की विद्वान टोली द्वारा पूर्ण विधि-विधान से संपन्न कराया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इस बार 15 जून को सोमवती अमावस्या है, लेकिन अमावस्या तिथि रविवार से ही प्रारंभ हो रही है, जिसे ‘दर्श अमावस्या’ कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दर्श अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त हवन व तर्पण करने से उन्हें तृप्ति मिलती है। पितृ ऋण से मुक्ति और पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त करने के उद्देश्य से इस महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सभी आम व खास श्रद्धालुओं को आहुति देने का पुण्य अवसर मिलेगा।
इस विशेष अवसर पर श्रद्धा और विधिपूर्वक किए गए यज्ञ, दान व पितृ स्मरण से मनुष्य के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और संतुलन की प्राप्ति होती है। यज्ञ में शामिल होने वाले श्रद्धालु अपने साथ एक मुट्ठी काले तिल, जौ और चावल लेकर आ सकते हैं। इसके अलावा अन्य किसी सामग्री की आवश्यकता नहीं होगी।
यज्ञ में आहुति देने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं है। गायत्री परिवार जयपुर जोन के समन्वयक सुशील शर्मा ने बताया कि पितृ स्मरण भारतीय संस्कृति की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और गौरवशाली परंपरा है। इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान, श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का संदेश मिलता है। पितरों की स्मृति में दान करने के लिए कार्यक्रम स्थल पर लागत मूल्य पर धार्मिक पुस्तकें उपलब्ध करवाई जाएंगी। प्रतिदिन बिना किसी अतिरिक्त खर्चे के घर पर अग्नि पर भोग लगाने के लिए तांबे का ‘बलिवैश्व पात्र’ भी श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध रहेगा।



















