जयपुर। राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में मृतक संविदा नर्स दीपक के आश्रितों को मुआवजा एवं सरकारी नौकरी देने तथा प्रदेशभर में वर्षों से संविदा पर कार्यरत करीब 2000 नर्सेज को पुनः सेवा में बहाल करने की मांग को लेकर नर्सेज का आंदोलन रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलनरत नर्सेज ने सवाई मानसिंह (एसएमएस) मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार पर धरना देकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया।
संघर्ष समिति के अनुसार सरकार की ओर से मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं किए जाने से नर्सिंग कर्मियों में रोष व्याप्त है। इसी क्रम में महिला चिकित्सालय, सांगानेरी गेट के नियमित एवं संविदा नर्सेज ने रविवार सुबह 8 से 10 बजे तक जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व चिकित्सालय संयोजक सुमन बबाल, सुशीला चौधरी, दीपक मीणा, मालती शर्मा, सरोज यादव एवं परमिंदर कौर ने किया।
प्रदेश संयोजक पुरुषोत्तम कुम्भज ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में सोमवार को जनाना चिकित्सालय, चांदपोल के नर्सेज भी प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सुबह 8 बजे से संयोजक देवेंद्र पंत, विनीता शेखावत, राकेश यादव एवं रमेश सैनी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
इधर, संघर्ष समिति के संयोजक पवन मीणा, विनीता शेखावत एवं गुड्डी सैनी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल मृतक नर्स दीपक के पैतृक गांव पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने दिवंगत नर्स को श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। समिति ने मृतक की पत्नी एवं बच्चों को नर्सेज परिवार की ओर से शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा भी की।
रविवार को हुए प्रदर्शन में प्रांतीय संघर्ष संयोजक राजेंद्र राणा, जे.पी. कस्वा, प्रदीप निम्रोट, के.के. यादव, महिपाल सामोता, समोल चौधरी, सोम सिंह मीणा, कैलाश शर्मा, आशीष भारद्वाज, सुनील शर्मा, हरिसिंह भाटी, अनूप यादव, विमल शर्मा, मनोज मीणा सहित बड़ी संख्या में नर्सिंगकर्मी एवं संघर्ष समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।



















