जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) द्वारा आयोजित प्राध्यापक हिंदी (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2022 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर चयन हासिल करने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने कार्रवाई करते हुए मूल अभ्यर्थी और सौदा कराने वाले दलाल को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में दलपत लाल मीणा (40) निवासी बौंली जिला सवाई माधोपुर तथा रुकमकेश मीणा (38) निवासी सपोटरा जिला करौली शामिल हैं। रुकमकेश मीणा वर्तमान में एम्स ऋषिकेश (उत्तराखंड) में सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत है।
एसओजी जांच में सामने आया कि दलपत लाल मीणा ने बिना परीक्षा दिए चयनित होने के लिए रुकमकेश मीणा के माध्यम से 15 लाख रुपए में सौदा तय किया था। इस राशि का भुगतान जयपुर सहित विभिन्न स्थानों पर नकद किया गया था।
जांच के अनुसार आरपीएससी द्वारा 15 अक्टूबर 2022 को आयोजित परीक्षा की दोनों पारियों—सामान्य ज्ञान और हिंदी विषय—में दलपत लाल की जगह डमी परीक्षार्थियों को बैठाया गया। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र में अपलोड मूल फोटो के स्थान पर दूसरे व्यक्ति की फोटो का उपयोग किया गया।
वहीं अभ्यर्थी ने अपनी वास्तविक जन्मतिथि 15 जुलाई 1986 के स्थान पर 15 जुलाई 1997 दर्शाकर दस्तावेजों में हेराफेरी की, ताकि उम्र कम दिखाई जा सके। इस संबंध में एसओजी थाना जयपुर में 30 मई 2024 को मामला दर्ज किया गया था।
एसओजी अधिकारियों के अनुसार मुख्य आरोपी दलपत लाल मीणा लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ न्यायालय से स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी था। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। साथ ही परीक्षा में बैठने वाले डमी अभ्यर्थियों तथा इस रैकेट से जुड़े अन्य दलालों और सहयोगियों की तलाश जारी है। एसओजी का मानना है कि जांच में जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।



















