जयपुर। सेठी कॉलोनी स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में गणिनी प्रमुख 105 आर्यिका जिनदेवी माताजी ससंघ के सान्निध्य में चल रहे 44 दिवसीय श्री कल्याण मंदिर दीपार्चना महामहोत्सव के तहत पद्मावती माता की गोद भराई एवं सहस्रनाम कुमकुम अर्चना का आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर भगवान पार्श्वनाथ और पद्मावती माता के जयकारों से गूंज उठा।
राजस्थान जैन युवा महासभा के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि धर्मसभा से पूर्व चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन एवं श्रद्धालुओं ने माताजी का पाद प्रक्षालन कर जिनवाणी भेंट की।
धर्मसभा में गणिनी प्रमुख आर्यिकारत्न जिनदेवी माताजी ने कहा कि, “मृत्यु अंत नहीं बल्कि एक परिवर्तन है। मृत्यु केवल शरीर को समाप्त करती है, आत्मा को नहीं। मोह का बंधन ही जन्म-मरण के चक्र का मूल कारण है।” उन्होंने कहा कि मोह की जंजीर विवेक, सम्यग्दर्शन और वैराग्य से ही टूट सकती है। संसार में रहते हुए कर्तव्यों का पालन करें, लेकिन आसक्ति से दूर रहें। सच्चा धर्म वही है जो मोह को कम कर राग-द्वेष को समाप्त करे।
कार्यक्रम में अभिषेक, शांतिधारा और कल्याण मंदिर दीपार्चना का संगीतमय आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने भक्ति नृत्य कर पुण्यार्जन किया। इस अवसर पर मंदिर अध्यक्ष दीनदयाल पाटनी, उपाध्यक्ष सुनील सेठी, महामंत्री धर्मीचंद कासलीवाल, कोषाध्यक्ष राकेश मुशरफ, महिला मंडल अध्यक्ष नीतू मुशर्रफ, महामंत्री शिल्पा पहाड़िया सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मंदिर अध्यक्ष दीनदयाल पाटनी ने बताया कि रविवार 9 अगस्त को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक 12 घंटे का अखंड णमोकार मंत्र जाप आयोजित किया जाएगा। शनिवार को अभिषेक, शांतिधारा, नित्य नियम पूजा-अर्चना, कल्याण मंदिर दीपार्चना और माताजी के मंगल प्रवचन होंगे।



















