जयपुर। 21 जून को वर्ष का सबसे बड़ा दिन रहेगा। इस दिन प्रदेश सहित देशभर में करीब 13 घंटे 25 मिनट तक उजाला रहेगा। जयपुर में सूर्योदय सुबह 5:46 बजे और सूर्यास्त शाम 7:11 बजे होगा। पृथ्वी और सूर्य की विशेष खगोलीय स्थिति के कारण उत्तरी गोलार्ध में यह दिन वर्ष का सबसे लंबा और रात सबसे छोटी होती है। इस खगोलीय घटना को ग्रीष्म अयनांत (समर सोल्स्टिस) कहा जाता है।
खगोलविदों के अनुसार पृथ्वी अपनी धुरी पर लगभग 23.5 डिग्री झुकी हुई है। इसी कारण वर्ष के अलग-अलग समय में सूर्य की किरणें पृथ्वी के विभिन्न भागों पर अलग-अलग कोणों से पड़ती हैं। जून में सूर्य की सीधी किरणें कर्क रेखा के आसपास पहुंचने से उत्तरी गोलार्ध को सर्वाधिक समय तक सूर्य का प्रकाश प्राप्त होता है।
ग्रीष्म अयनांत के बाद सूर्य की प्रत्यक्ष स्थिति धीरे-धीरे दक्षिण की ओर खिसकती दिखाई देगी। इसके परिणामस्वरूप अब दिन छोटे और रातें लंबी होने लगेंगी। यह क्रम अगले छह महीनों तक जारी रहेगा और दिसंबर में शीत अयनांत के समय वर्ष का सबसे छोटा दिन और सबसे लंबी रात दर्ज की जाएगी।
सूर्य उत्तरायण से दक्षिणायन की ओर
धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार 21 जून से सूर्य उत्तरायण से दक्षिणायन की ओर गति करना प्रारंभ करते हैं। इसे विशेष महत्व का काल माना जाता है। वहीं वैज्ञानिक दृष्टि से यह पृथ्वी की नियमित खगोलीय गति और सूर्य की परिक्रमा से जुड़ी स्वाभाविक प्रक्रिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सूर्य से मिलने वाली ऊर्जा में होने वाले बदलाव का प्रभाव तापमान, वायुमंडलीय दबाव और मानसूनी गतिविधियों पर भी पड़ता है। यही कारण है कि जून के अंतिम सप्ताह से मानसून की सक्रियता में तेजी देखने को मिलती है। खगोलविदों के अनुसार यह घटना हर वर्ष लगभग इसी समय घटित होती है और पृथ्वी के मौसम चक्र को प्रभावित करने वाली महत्वपूर्ण प्राकृतिक प्रक्रिया है।



















