जयपुर। सीतापुरा स्थित नोवाटेल जेईसीसी में शुक्रवार से तीन दिवसीय ज्वेलर्स एसोसिएशन शो (जस-2026) का भव्य शुभारंभ हुआ। 3 से 5 जुलाई तक चलने वाले इस बी-टू-बी शो में पहली बार विश्व के जेम्स, ज्वेलरी और डायमंड उद्योग की शीर्ष हस्तियां एक मंच पर जुटीं। उद्घाटन समारोह के दौरान दुबई ज्वैलरी ग्रुप (डीजेजी) और ज्वेलर्स एसोसिएशन जयपुर (जस) के बीच ऐतिहासिक एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जिससे जयपुर और दुबई के ज्वेलरी कारोबार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
समारोह का उद्घाटन मालाबार ग्रुप के वाइस चेयरमैन एवं जीईडी के.पी. अब्दुल सलाम, दुबई ज्वैलरी ग्रुप के चेयरमैन तौहीद अब्दुल्लाह, सीबीआईसी सदस्य सुरजीत भुजबल तथा एनजीजेसीआई के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने किया। जस अध्यक्ष राजू मंगोड़ीवाला ने कहा कि यह आयोजन राजस्थान के जेम्स-ज्वेलरी उद्योग के लिए मील का पत्थर साबित होगा और जयपुर को वैश्विक पहचान दिलाएगा।
के.पी. अब्दुल सलाम ने भारतीय ज्वेलरी उद्योग के लिए वैश्विक ब्रांड विकसित करने की आवश्यकता बताई, जबकि तौहीद अब्दुल्लाह ने भारत-यूएई सीईपीए के तहत व्यापार बढ़ाने और जयपुर के कारोबारियों को दुबई के वैश्विक बाजार से जुड़ने का आह्वान किया। सुरजीत भुजबल ने जेम्स-ज्वेलरी उद्योग को देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
एनजीजेसीआई चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने घोषणा की कि जुलाई में जयपुर में जेम बूर्स का शिलान्यास होगा। इसकी रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है और राज्य सरकार 100 करोड़ रुपए का अनुदान देगी। महासचिव अजय गोधा ने कहा कि जस अब व्यापार, भरोसे और गुणवत्ता का सशक्त मंच बन चुका है, जबकि कन्वीनर अशोक माहेश्वरी ने इसे देश का सबसे प्रतिष्ठित बी-टू-बी ज्वेलरी शो बनाने का लक्ष्य बताया।
एमओयू पर जस की ओर से राजू मंगोड़ीवाला और डीजेजी की ओर से तौहीद अब्दुल्लाह ने हस्ताक्षर किए। इस समझौते से जयपुर के ज्वेलर्स को दुबई के वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी, वहीं डिजाइन, तकनीक, कौशल विकास और व्यापारिक सहयोग के नए अवसर भी खुलेंगे।
इस वर्ष जस-2026 में 351 बूथ लगाए गए हैं, जिनमें 201 जेमस्टोन, 149 ज्वेलरी और एलाइड सेक्शन के बूथ शामिल हैं। पिछले वर्ष की तुलना में यह करीब 16 प्रतिशत अधिक है। शो में देशभर के 26 से अधिक प्रदर्शक भाग ले रहे हैं। 2,000 से अधिक ट्रेड बायर्स और 1,000 से अधिक होस्टेड बायर्स ने पंजीकरण कराया है, जबकि विभिन्न देशों से एनआरआई खरीदार भी आयोजन में पहुंचे हैं।

















