जयपुर। खाद कंपनियों पर कार्रवाई का भय दिखाकर रिश्वत वसूलने के मामले में गिरफ्तार कृषि अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। शुक्रवार को एसीबी की टीमों ने आरोपियों के आवासों पर तलाशी अभियान चलाया, जिसमें भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, प्लॉट-फ्लैटों के दस्तावेज, बैंक खातों और लग्जरी संपत्तियों के प्रमाण मिले हैं। प्रारंभिक जांच में दोनों कृषि अधिकारियों के आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के संकेत मिलने पर एसीबी अब उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (डीए) का अलग मामला भी दर्ज करेगी।
एसीबी डीजी के अनुसार कृषि अधिकारी महेश मीणा के जगतपुरा स्थित प्रेम नगर स्थित आवास की तलाशी में 5 लाख रुपए नकद, दिल्ली में एक फ्लैट तथा दौसा में एक प्लॉट के दस्तावेज बरामद हुए। वहीं कृषि अधिकारी भगवान सहाय यादव के कालवाड़ रोड स्थित गोकुलपुरा आवास पर तलाशी के दौरान 10 प्लॉट और एक फ्लैट के दस्तावेज, 10 बैंक खातों की जानकारी, 184 ग्राम सोने एवं एक किलोग्राम चांदी के आभूषण तथा दो कारें मिलीं। दूसरी ओर कृषि अधिकारी चंदाराम और चालक रमेश चंद्र मीणा के घरों की तलाशी में कोई विशेष सामग्री बरामद नहीं हुई।
एसीबी की टीम फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और बरामद दस्तावेजों के आधार पर उनकी चल-अचल संपत्तियों का सत्यापन कराया जा रहा है। गौरतलब है कि एसीबी ने गुरुवार को शाहपुरा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर कृषि विभाग की सरकारी गाड़ी को रोककर जांच की थी। जांच के दौरान बैग में रखे खाद के सैंपल पैकेटों के भीतर छिपाकर रखे गए 2.63 लाख रुपए बरामद हुए थे।
जांच में सामने आया कि यह राशि भिवाड़ी तथा कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र में संचालित खाद कंपनियों पर कार्रवाई का डर दिखाकर अवैध रूप से वसूली गई थी। उस समय सरकारी वाहन में कृषि अधिकारी भगवान सहाय यादव और चालक रमेश चंद्र मीणा भी मौजूद थे।
एसीबी का मानना है कि मामले में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं। बरामद संपत्तियों और बैंक खातों की विस्तृत जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का प्रकरण भी दर्ज किया जाएगा।


















