मानसून की पहली बारिश में जयपुर की व्यवस्था बेपटरी: टोंक रोड सड़क धंसी तो कहीं भरा पानी

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जयपुर। राजधानी जयपुर में मानसून की पहली बारिश ने ही शहर की आधारभूत व्यवस्थाओं और प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल दी। गुरुवार देर रात हुई बारिश के बाद एक ओर शहर की प्रमुख लाइफलाइन टोंक रोड पर गांधी नगर तिराहे के पास सड़क धंस गई, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में जलभराव से मरीजों और चिकित्साकर्मियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

एपेक्स मॉल के सामने टोंक रोड पर सड़क धंसने से करीब 20 फीट चौड़ा और गहरा गड्ढा बन गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गड्ढे के आसपास की मिट्टी भी अंदर से खोखली हो चुकी है, जिससे सड़क के और धंसने की आशंका बनी हुई है। व्यस्ततम मार्ग पर सड़क धंसने से यातायात प्रभावित हुआ और लंबा जाम लग गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने मौके पर बैरिकेडिंग कर यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया तथा वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की।

उधर, गुरुवार देर रात करीब एक से तीन बजे के बीच हुई बारिश के दौरान एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर का पुराना ड्रेनेज पाइप फट जाने से ग्राउंड फ्लोर पर पानी भर गया। इसके कारण मुख्य इमरजेंसी हॉल के पास स्थित ईसीजी रूम, मुख्य कॉरिडोर और माइनर ऑपरेशन थिएटर में पानी भरने और छत से रिसाव होने लगा। हालात ऐसे बने कि माइनर ओटी में उपचार कार्य अस्थायी रूप से रोकना पड़ा और मरीजों को दूसरी जगह स्थानांतरित कर प्राथमिक उपचार दिया गया।

बारिश के दौरान डक्टिंग के रास्ते पानी का रिसाव इतना बढ़ गया कि माइनर ओटी और प्लास्टर रूम के पास स्थित कॉरिडोर की फॉल सीलिंग भरभराकर नीचे गिर गई। हालांकि उस समय वहां कोई मरीज मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। फर्श पर जमा पानी और गंदगी के कारण संक्रमण फैलने की आशंका भी बढ़ गई है।

गौरतलब है कि एसएमएस अस्पताल में बारिश के दौरान जलभराव की यह पहली घटना नहीं है। पिछले वर्ष भी भारी बारिश के बाद आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर सहित अस्पताल के कई हिस्सों में पानी भर गया था। तब सरकार और चिकित्सा विभाग ने व्यवस्थाओं में सुधार के लिए बजट जारी कर आवश्यक निर्देश दिए थे, लेकिन सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) विंग की व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आया।

घटना की सूचना मिलते ही ट्रॉमा सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ. राजेंद्र मांडिया, उपाधीक्षक डॉ. जगदीश मोदी, अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. प्रदीप शर्मा सहित अस्पताल प्रशासन मौके पर पहुंचा। डॉ. मांडिया ने बताया कि पुराना ड्रेनेज पाइप फटने से ईसीजी रूम और आसपास के हिस्सों में पानी भर गया। पीडब्ल्यूडी विंग को तत्काल पाइपलाइन दुरुस्त करने तथा सफाई व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।

मानसून की शुरुआती बारिश में ही सामने आई इन घटनाओं ने शहर की सड़कों और सरकारी अस्पतालों की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आगामी ढाई से तीन महीने के मानसून को देखते हुए प्रशासन की चुनौतियां और बढ़ गई हैं।

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