जयपुर। तनाव, अवसाद, चिंता और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही दुनिया के बीच राजस्थान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक गुरु, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ एवं योग ऑफ इम्मॉर्टल्स (वाईओआई) के संस्थापक ईशान शिवानंद ने भारतीय प्राचीन योग विज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक शोध के साथ जोड़कर वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाई है। मानसिक स्वास्थ्य, योग, ध्यान और मानवीय मूल्यों के क्षेत्र में उनके कार्यों को दुनिया की कई प्रतिष्ठित संस्थाओं ने मान्यता दी है।
ईशान शिवानंद की आध्यात्मिक एवं सामाजिक यात्रा का महत्वपूर्ण अध्याय राजस्थान से जुड़ा है। शिवयोग और जनकल्याणकारी गतिविधियों की शुरुआत राजस्थान की धरती से हुई। पिछले दो दशकों में उन्होंने प्रदेश के हजारों युवाओं, विद्यार्थियों और परिवारों के बीच योग, ध्यान, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और आध्यात्मिक जीवनशैली को बढ़ावा दिया। इसी योगदान के चलते उन्हें ‘राजस्थान पुत्र’, ‘सन ऑफ द सॉइल’, ‘राजस्थान गौरव’ और ‘राजस्थान रत्न’ जैसे सम्मानजनक संबोधनों से भी नवाजा गया है।
भारत की प्रतिष्ठित योग परंपरा से जुड़े परिवार में जन्मे ईशान शिवानंद ने अपने पिता एवं गुरु डॉ. अवधूत शिवानंद के मार्गदर्शन में हिमालयी मठों में योग, ध्यान, प्राणायाम, आयुर्वेद, हर्बल चिकित्सा, प्राचीन मार्शल आर्ट और भारतीय ज्ञान परंपरा का गहन अध्ययन किया। 21 पीढ़ियों से चली आ रही योग परंपरा के उत्तराधिकारी के रूप में उन्होंने इस ज्ञान को आधुनिक जीवन के अनुरूप विकसित करते हुए योग ऑफ इम्मॉर्टल्स की स्थापना की।
यह मेडिटेशन एवं योग आधारित वैज्ञानिक प्रणाली श्वास तकनीक, ध्यान, योगिक अभ्यास तथा भावनात्मक एवं संज्ञानात्मक संतुलन पर आधारित है। इसका उद्देश्य तनाव, चिंता, अवसाद, अनिद्रा, मानसिक आघात और बर्नआउट जैसी समस्याओं से राहत दिलाकर मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना है।
विभिन्न क्लीनिकल अध्ययनों में इस पद्धति से चिंता, अवसाद और अनिद्रा में उल्लेखनीय सुधार के परिणाम सामने आए हैं। इसके अलावा चिकित्सकों में बर्नआउट कम करने, विद्यार्थियों के तनाव प्रबंधन, कॉर्पोरेट वेलनेस, खिलाड़ियों की मानसिक मजबूती और ट्रॉमा रिकवरी में भी इसे प्रभावी पाया गया है।


















