
जयपुर। जयपुर के आराध्य देव श्री गोविंद देवजी मंदिर में चल रहे पांच दिवसीय श्रीकृष्ण कथा महोत्सव का शुक्रवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ समापन हो गया। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित इस महोत्सव के अंतिम दिन विभिन्न धार्मिक प्रसंगों पर भावपूर्ण प्रवचनों की अमृत वर्षा हुई।
व्यासपीठ से सुप्रसिद्ध कथावाचक संजय गोस्वामी महाराज ने भगवान श्री कृष्ण और माता रुक्मणि के विवाह प्रसंग की संगीतमय प्रस्तुति दी। इसके बाद उन्होंने महाभारत युद्ध के दौरान भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए ‘गीता उपदेश’ के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कथावाचक संजय गोस्वामी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता का ज्ञान आज भी पूरे विश्व का मार्गदर्शन करने की पूर्ण सामर्थ्य रखता है।
यह ग्रंथ केवल मनुष्य को भक्ति की ओर ही अग्रसर नहीं करता, बल्कि जीवन में सही ज्ञान और निष्काम कर्म करने के लिए भी प्रेरित करता है। उन्होंने आगे कहा कि भगवान ने गीता में हर मार्ग की महिमा बताई है, इसलिए साधक की जैसी भावना हो, उसे उसी मार्ग का अनुसरण करते हुए जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।
समापन के अवसर पर ठाकुर जी और व्यासपीठ की विशेष आरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय और बाहरी श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ कमाया। पूरे मंदिर परिसर में ‘जय श्री कृष्णा’ और ‘गोविंद देव जी की जय’ के जयकारे गूंजते रहे।


















