जयपुर। राजधानी की कड़ी सुरक्षा वाली सेंट्रल जेल में एक बार फिर मोबाइल मिलने का मामला सामने आने से जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। शनिवार को जेल के वार्ड नंबर सात में तलाशी अभियान के दौरान टॉयलेट से एक लावारिस मोबाइल बरामद हुआ। मामले में जेल प्रशासन की शिकायत पर लाल कोठी थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
लालकोठी थानाधिकारी श्याम सुंदर शर्मा ने बताया कि जेल प्रहरी ओमप्रकाश यादव ने थाने में दी रिपोर्ट में बताया कि शनिवार, 11 जुलाई को सेंट्रल जेल के वार्ड नंबर सात में नियमित तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान वार्ड के टॉयलेट में दबा हुआ एक लावारिस मोबाइल मिला। मोबाइल को नियमानुसार जब्त कर फर्द तैयार की गई और इसकी सूचना पुलिस को दी गई।
प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि तलाशी अभियान शुरू होने पर किसी बंदी ने मोबाइल को बचाने के उद्देश्य से टॉयलेट में छिपा दिया होगा। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मोबाइल किस बंदी का है और वह जेल परिसर तक कैसे पहुंचा।
गौरतलब है कि सेंट्रल जेल में मोबाइल मिलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार बंदियों के कब्जे से या फिर लावारिस हालत में मोबाइल बरामद हो चुके हैं।
इन मामलों में लालकोठी थाने में कई मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद प्रतिबंधित मोबाइल जेल के भीतर कैसे पहुंच रहे हैं।
इसके अलावा कुछ दिन पहले ही जेल परिसर में बाहर से फेंका गया एक संदिग्ध पार्सल मिला था। जांच में उस पार्सल से मोबाइल और बीड़ी के बंडल बरामद हुए थे। उस मामले में भी लालकोठी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था और जांच जारी है।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस और जेल प्रशासन दोनों इस बात की पड़ताल में जुटे हैं कि आखिर तमाम सुरक्षा इंतजामों के बावजूद प्रतिबंधित मोबाइल जेल के भीतर पहुंच कैसे रहे हैं।



















