राजस्थान हाईकोर्ट को फिर बम से उड़ाने की धमकी

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Rajasthan High Court receives another bomb threat.

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ को सोमवार को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। हाईकोर्ट प्रशासन की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर रविवार देर रात 12 बजकर 19 मिनट पर एक धमकी भरा ई-मेल भेजा गया, जिसमें दावा किया गया कि हाईकोर्ट परिसर में 6 जिलेटिन बम लगाए गए हैं। मेल में लिखा था कि “जनमानस को नुकसान पहुंचाना हमारा इरादा नहीं है, लेकिन बिल्डिंग को नुकसान होगा।”

सोमवार सुबह कार्यालय खुलने पर हाईकोर्ट प्रशासन ने ई-मेल देखा और तत्काल पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी। समय रहते कार्रवाई होने से कोर्ट की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही पूरे परिसर को खाली कराकर बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड ने चप्पे-चप्पे की सघन तलाशी ली। जांच में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने के बाद सुबह करीब 9:30 बजे हाईकोर्ट परिसर को खोल दिया गया और निर्धारित समय पर न्यायिक कार्य शुरू हो गया।

नई और पुरानी दोनों इमारतों की ली तलाशी

तलाशी अभियान के दौरान हाईकोर्ट के मुख्य परिसर ‘सत्यमेव जयते’ भवन सहित नई और पुरानी दोनों इमारतों की बारीकी से जांच की गई। मुख्य भवन के आसपास आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई थी। बम निरोधक दस्ते के साथ डॉग स्क्वॉड ने हर हिस्से की जांच की। एहतियात के तौर पर सिविल डिफेंस की टीम, एंबुलेंस और दमकल वाहन भी मौके पर तैनात रहे।

अशोक नगर थाना पुलिस पहुंची मौके पर

अशोक नगर थानाधिकारी मोतीलाल शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बम निरोधक दस्ता तथा डॉग स्क्वॉड को बुलाकर पूरे परिसर की गहन तलाशी कराई गई। तलाशी में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने पर परिसर को सुरक्षित घोषित किया गया। संदिग्ध ई-मेल की जांच साइबर विशेषज्ञ करेंगे और इस संबंध में अशोक नगर थाने में मामला दर्ज कर जांच की जाएगी।

हाईकोर्ट के सुरक्षा प्रभारी एसआई ताराचंद ने बताया कि ई-मेल मिलने के बाद परिसर में मौजूद लोगों को बाहर निकालकर पूरी बिल्डिंग की जांच कराई गई। जांच पूरी होने के बाद ही लोगों को दोबारा प्रवेश दिया गया।

साढ़े आठ महीने में 13वीं धमकी

राजस्थान हाईकोर्ट को पिछले साढ़े आठ महीने में यह 13वीं बार बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सबसे पहली धमकी 31 अक्टूबर 2025 को मिली थी। इसके बाद 5 दिसंबर, फिर 8, 9, 10 और 11 दिसंबर 2025 को लगातार ईमेल भेजे गए। वर्ष 2026 में 6, 17, 19, 20 और 25 फरवरी, 17 मार्च, 13 अप्रैल और अब 13 जुलाई को फिर धमकी मिली है।

लगातार मिल रही धमकियों के बावजूद अब तक किसी भी मामले में तलाशी के दौरान विस्फोटक या कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।

बार एसोसिएशन ने जताई चिंता

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रहलाद शर्मा ने कहा कि यदि कभी ऐसी धमकी वास्तविक घटना में बदल गई तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में साइबर सुरक्षा पर आयोजित कार्यशाला में भी हाईकोर्ट को लगातार मिल रही बम धमकियों का मुद्दा उठाया गया था।

उस दौरान मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की उपस्थिति में न्यायाधीश पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने भी कहा था कि जिस तरह स्कूल में रोज घंटी बजती है, उसी तरह हाईकोर्ट को लगातार बम धमकियां मिल रही हैं, जिससे न्यायिक कार्य प्रभावित होता है।

वीपीएन के जरिए भेजे जा रहे ई-मेल!

जांच एजेंसियों का मानना है कि धमकी भरे ई-मेल भेजने वाले लोग वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) जैसी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे उनकी वास्तविक लोकेशन का पता लगाना कठिन हो जाता है। साइबर एक्सपर्ट अब ई-मेल के स्रोत और तकनीकी साक्ष्यों की जांच में जुटे हैं।

पहले भी कई संस्थानों को मिल चुकी हैं धमकियां

राजस्थान में पिछले कुछ समय से हाईकोर्ट के अलावा राजस्थान विधानसभा, एसएमएस स्टेडियम, स्कूलों, अस्पतालों, पोस्ट ऑफिस, पासपोर्ट कार्यालय सहित कई सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों को भी बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि अब तक सभी मामलों में तलाशी के दौरान कोई विस्फोटक नहीं मिला है। बावजूद इसके लगातार मिल रही धमकियां पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।

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