जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को ऊंट संरक्षण योजना के तहत अनुदान राशि जारी कराने के नाम पर रिश्वत मांगने के मामले में जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ स्थित राजकीय प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में ट्रैप कार्रवाई करते हुए एक पशु चिकित्सक और एक पशुधन निरीक्षक को गिरफ्तार किया।
आरोपितों ने दो आवेदनों के सत्यापन, टैगिंग और ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर अनुदान राशि खातों में डलवाने की एवज में 4 हजार रुपए रिश्वत मांगी थी। इनमें से 1000 रुपए पहले ऑनलाइन ले चुके थे, जबकि शेष 3000 रुपए लेते समय एसीबी ने दोनों को दबोचा।
एसीबी की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि एसीबी हेल्पलाइन पर मिली शिकायत में परिवादी ने बताया था कि उसने और उसके भाई ने राज्य सरकार के पशुपालन विभाग की ऊंट संरक्षण योजना के तहत आवेदन किया था।
योजना के अनुसार गर्भवती ऊंटनी के संरक्षण के लिए प्रसव पूर्व तथा प्रसव के बाद ऊंटनी और उसके बच्चे (टोडिये) के लिए 10-10 हजार रुपए की दो किश्तों का अनुदान दिया जाना था। शिकायत के अनुसार राजकीय प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय, मोहनगढ़ में पदस्थापित डॉ. राघव डोई और पशुधन निरीक्षक सोनू रैगर ने दोनों भाइयों के आवेदनों का सत्यापन, ऊंटनी और उसके बच्चे की टैगिंग तथा आवेदन ऑनलाइन कर अनुदान राशि बैंक खातों में डलवाने के बदले प्रति आवेदन 2 हजार रुपए, यानी कुल 4 हजार रुपए रिश्वत की मांग की।
आरोप है कि पशुधन निरीक्षक सोनू रैगर ने पहले ही फोन-पे के माध्यम से 1000 रुपए प्राप्त कर लिए थे। शिकायत का सत्यापन होने के बाद एसीबी रेंज जोधपुर के उप महानिरीक्षक पुलिस नारायण टोगस के सुपरवीजन में बाड़मेर एसीबी इकाई ने ट्रैप की कार्रवाई की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में टीम ने सोमवार को मोहनगढ़ पशु चिकित्सालय में जाल बिछाया।
इस कार्रवाई के दौरान आरोप है कि डॉ. राघव डोई के कहने पर पशुधन निरीक्षक सोनू रैगर ने परिवादी से शेष 3000 रुपए रिश्वत के रूप में प्राप्त किए और अपने पहने हुए लोअर की जेब में रख लिए। इसी दौरान एसीबी टीम ने दोनों आरोपियों को मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत की 3000 रुपए की राशि सोनू रैगर के कब्जे से बरामद कर ली गई। एसीबी अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है।



















