आरपीएससी शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा: फर्जी एमए डिग्री दिलाने वाला मुख्य आरोपी अशोक विश्नोई गिरफ्तार

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जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की प्राध्यापक (हिन्दी) स्कूल शिक्षा प्रतियोगी परीक्षा-2022 में फर्जी डिग्री के जरिए नौकरी हासिल करने के प्रयास के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने कार्रवाई करते हुए मुख्य सहयोगी आरोपित अशोक विश्नोई उर्फ अशोक चोटिया (32) निवासी झंवर जिला जोधपुर को गिरफ्तार किया है। आरोपित को न्यायालय में पेश कर 17 जुलाई 2026 तक पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया है। इससे इस मामले में जुड़े अन्य लोगों और फर्जी डिग्री रैकेट के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि आरपीएससी द्वारा आयोजित प्राध्यापक (हिन्दी) प्रतियोगी परीक्षा-2022 के बाद दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान अभ्यर्थी ब्रह्मा कुमारी पुत्री बाबूलाल विश्नोई ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी, गंगरार (चित्तौड़गढ़) से जारी एमए (हिन्दी) की डिग्री प्रस्तुत की थी। आयोग द्वारा सत्यापन कराने पर विश्वविद्यालय ने ऐसी कोई डिग्री जारी करने से इनकार कर दिया। जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।

जहां एसओजी की जांच में सामने आया कि आरोपित अशोक विश्नोई ने महेंद्र सिंह राव के माध्यम से डॉ. सुरेश कुमार से संपर्क किया। इसके बाद उसने मेवाड़ यूनिवर्सिटी के तत्कालीन डीन कौशल किशोर चंदुल से सांठगांठ कर डॉ. सुरेश कुमार की बहन ब्रह्मा कुमारी के नाम से एमए (हिन्दी) की फर्जी मार्कशीट और डिग्री तैयार करवाई, ताकि उसे शिक्षक भर्ती में पात्रता मिल सके।

इस मामले में आरपीएससी की शिकायत पर पुलिस थाना सिविल लाइंस अजमेर में 20 मार्च 2024 को एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान एसओजी ने फर्जी डिग्री हासिल करने वाली अभ्यर्थी ब्रह्मा कुमारी समेत अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

एसओजी के अनुसार अशोक विश्नोई के खिलाफ सिविल लाइंस थाना अजमेर में दर्ज एफआईआर में भी फर्जी डिग्री उपलब्ध कराने का आरोप है, जिसमें उसकी गिरफ्तारी अभी शेष है। इसके अलावा जोधपुर के कुड़ी भगतासनी थाना में दर्ज एफआईआर में भी वह पहले गिरफ्तार हो चुका है।

पुलिस महानिरीक्षक (एसओजी) अजयपाल लाम्बा के निर्देशन, पुलिस उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के पर्यवेक्षण और पुलिस अधीक्षक कुन्दन कंवरिया के नेतृत्व में वांछित आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

इसी अभियान के तहत अनुसंधान अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसओजी यूनिट, अजमेर) श्याम सुन्दर विश्नोई की टीम ने लगातार निगरानी के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। एसओजी अब आरोपी से पूछताछ कर फर्जी डिग्री रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और ऐसे अन्य मामलों की जानकारी जुटा रही है।

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