जयपुर। भोले के भक्तों का उत्साह और आस्था का अनुपम नजारा आज गुलाबी नगरी में देखने को मिला। संयुक्त भारतीय धर्म संसद के पदाधिकारीगण, सदस्यों और श्रद्धालुओं का एक विशाल जत्था अमरनाथ यात्रा के लिए जयपुर के प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर से रवाना हुआ। धर्म संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य राजेश्वर के नेतृत्व में 300 यात्रियों का यह दल ‘भोले की फौज’ ग्रुप के साथ 11 बसों में सवार होकर बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए निकला है।
खोले के हनुमान जी के दर्शन के बाद पहला पड़ाव त्रिवेणी धाम
मोती डूंगरी गणेश मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और आशीर्वाद लेने के बाद यात्रा का शुभारंभ हुआ।जयपुर के प्रसिद्ध खोले के हनुमान जी मंदिर में दर्शन करते हुए यात्रियों का दल पहले दिन त्रिवेणी धाम पहुंचा। वहां भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। इसके बाद जत्था आनंदपुर साहिब के लिए आगे बढ़ा, जहां सभी यात्रियों ने रात्रि विश्राम किया। बाबा बर्फानी के धाम पहुंचने से पहले यह यात्रा दल मार्ग में आने वाले कई प्रसिद्ध और ऐतिहासिक देवस्थानों के दर्शन करते हुए आगे बढ़ेगा। जिसमें श्रद्धालु ज्वालामुखी माता, चिंतापूर्णी माता, बगलामुखी माता, चामुंडा देवी, कांगड़ा देवी, मां वैष्णो देवी धाम के दर्शन करेंगे।
22जुलाई को होंगे बाबा बर्फानी के अलौकिक दर्शन
यात्रा का मुख्य पैदल ट्रेक पहलगाम मार्ग से शुरू होगा। तय कार्यक्रम के अनुसार 20 जुलाई को यात्री दल पहलगाम के चंदनबाड़ी से पैदल यात्रा का श्रीगणेश करेगा। श्रद्धालु पिस्सू टॉप, शेषनाग, पंचतरणी और गणेश टॉप जैसे दुर्गम रास्तों को पार करेंगे। 22 जुलाई को यात्री पवित्र गुफा पहुंचकर बाबा बर्फानी के भव्य दर्शन करेंगे। दर्शन के पश्चात सभी श्रद्धालु बालटाल के रास्ते वापस जयपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
25 वर्षों से अनवरत सेवा कर रहा है ‘भोले की फौज’ ग्रुप
इस यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने में ‘भोले की फौज’ ग्रुप की मुख्य भूमिका है। यह ग्रुप पिछले 25 वर्षों से बिना किसी व्यावसायिक स्वार्थ के केवल श्रद्धा, समर्पण और सेवा के संकल्प के साथ श्रद्धालुओं को अमरनाथ यात्रा करवा रहा है। इस समूह के ‘शिव गण’ (सेवादार) पूरी यात्रा के दौरान आम श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन और उनकी सेवा-सुविधा की कमान संभालते हैं, जो वास्तव में अनुकरणीय और सराहनीय है।



















